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आगरा (उत्तर प्रदेश) – यहां के शाहगंज क्षेत्र में प्रार्थना सभा के नाम पर हिन्दुओं का धर्मांतरण कराने का षड्यंत्र उजागर हुआ है । इस प्रकरण में पुलिस ने धर्मांतरण टोली के मुख्य आरोपी राजकुमार लालवानी एवं ३ महिलाओं समेत ८ लोगों का बंदीकरण किया है । आरोपी किसी न किसी बहाने लोगों को प्रार्थना सभा में बुलाते थे । वे लोगों को ईसाई धर्म अपनाने पर उनकी व्याधियां एवं दरिद्रता दूर करने का प्रलोभन देते थे । वे हिन्दुओं को उनके घरों से देवी-देवताओं की मूर्तियां हटाने के लिए बाध्य करते थे । उनके हाथों का पवित्र धागा काट देते थे एवं उन्हें तिलक लगाने से भी रोकते थे ।
🚨 Agra Conversion Racket Busted! 🚨
✝️ Fake “prayer meetings” used to lure Hindus with promises of curing illness & removing poverty.
⚠️ Idols removed, Tilak wiped, Kalava cut off!
👮 8 arrested incl. mastermind Rajkumar Lalwani – caught with Bibles, cash & vehicles.
💻 Gang… pic.twitter.com/w4znW30Wh2
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) September 3, 2025
पुलिस उपायुक्त सोनम कुमार ने बताया कि इस प्रकरण में केदारनगर निवासी घनश्याम हेमलानी ने पुलिस में आरोप पत्र लगाया था । हेमलानी ने बताया कि राजकुमार नाम के एक व्यक्ति ने उसे २-३ बार अपने घर बुलाया था । उस समय राजकुमार ने हेमलानी के हाथ का पवित्र धागा तोड दिया एवं उनके माथे का तिलक भी पोंछ दिया । राजकुमार ने हेमलानी को उनके घर से देवी-देवताओं की मूर्तियां हटाने को कहा । इससे हेमलानी को संशय हुआ । इसके उपरांत उसने पुलिस में आरोप प्रस्तुत किया । इसके आधार पर पुलिस ने राजकुमार के आरोप की प्रविष्टी कर उसे बंदी बना लिया । पुलिस ने सभी आरोपियों के पास से १५ बाइबल, ३ ईसाई गीतों की पुस्तकें, ४ दैनंदिनी, ८ बही, ६ भ्रमण भाष, २ आधुनिक कारें एवं रोकड हस्तगत किया है ।
आरोपी ने स्वयं ४ वर्ष पूर्व धर्म परिवर्तन किया था !
बंदीकृत आरोपी राजकुमार लालवानी चार वर्ष पूर्व महाराष्ट्र के उल्हासनगर गया था । वहां उसने ईसाई धर्म अपना लिया । घर लौटने के उपरांत, उसने लोगों का धर्मांतरण प्रारंभ कर दिया । वह लोगों का धर्मांतरण करता था एवं उन्हें व्याधियां ठीक करने के नाम पर ईसा मसीह का स्मरण कराता था । इसके उपरांत, वह उन्हें बाइबल पढने के लिए कहता था तथा उनसे वह इसके पैसे लेता था । रविवार की प्रार्थना सभा में आने वाले हिन्दुओं से कहता था, ‘हिन्दू धर्म में विश्वास मत करो ।’ वह हिन्दुओं के भोजन में मांस भी मिलाया करता था । वह दावा करता था कि ‘अगर हम ईसाई धर्म अपना लेते हैं, तो पूरे परिवार की व्याधियाँ एवं कष्ट दूर हो जाएंगे ।’ वह आरोपी महिला सहयोगियों की सहायता से झाड़-फूंक करने का नाटक करता था । अनेक अवसरों पर, उसने लोगों से उनकी व्याधियां ठीक करने के लिए ५,००० से १०,००० रुपये तक लिए हैं । वह बच्चों को अच्छी शिक्षा एवं ईसाई मिशनरियों द्वारा संचालित संस्थाओं में व्यवसाय प्राप्त करवाने का झांसा देता था । इस प्रकार वह लोगों को मूर्ख बनाता था । उसके संपर्क में अन्य कई लोग भी हैं । पुलिस उनके विषय में जानकारी एकत्रित कर रही है ।
संपादकीय भूमिका
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