पाठकों, शुभचिंतकों और धर्मप्रेमियों से विनम्र निवेदन तथा साधकों के लिए महत्त्वपूर्ण सूचना !

१. पिंडदान कर श्राद्धविधि करना
८.९.२०२५ से २१.९.२०२५ की अवधि में पितृपक्ष है । पितृपक्ष के काल में कुल के सभी पूर्वज अन्न एवं जल (पानी) की अपेक्षा लेकर अपने वंशजों के पास आते हैं । पितृपक्ष में पितृलोक, पृथ्वीलोक के सर्वाधिक निकट आने से इस काल में पूर्वजों को समर्पित अन्न, जल और पिंडदान उन तक शीघ्र पहुंचता है । उससे वे संतुष्ट होकर परिवार को आशीर्वाद देते हैं । श्राद्धविधि करने से पितृदोष के कारण साधना में आनेवाली बाधाएं दूर होकर साधना में सहायता मिलती है । ‘सभी पूर्वज संतुष्ट हों और साधना के लिए उनके आशीर्वाद मिलें’, इसके लिए पितृपक्ष में महालय श्राद्ध करना चाहिए ।
२. आम / आमान्न श्राद्ध
कुछ कारणवश पूर्ण श्राद्धविधि करना संभव न हो, तो संकल्पपूर्वक ‘आमश्राद्ध’ करें ।‘आमश्राद्ध’ अर्थात अपनी क्षमता के अनुसार अनाज, चावल, तिल, तेल, घी, गुड, आलू, नारियल, १ सुपारी, २ पान के पत्ते, १ सिक्का आदि सामग्री बरतन में रखें । यह सामग्री किसी पुरोहित को दें । पुरोहित उपलब्ध न हों, तो वेदपाठशाला अथवा देवस्थान में उसे दान करें ।
३. ‘हिरण्य श्राद्ध’
‘आमश्राद्ध’ करना भी संभव न हो, तो संकल्पपूर्वक ‘हिरण्य श्राद्ध’ करें अर्थात अपनी क्षमता के अनुसार उपर्युक्त स्थानों में से किसी एक स्थान पर धन अर्पित करें ।
४. श्राद्धविधि करतेसमय की जानेवाली प्रार्थना !
भगवान दत्तात्रेय के चरणों में यह प्रार्थना करें कि ‘हे भगवान दत्तात्रेय, आपकी कृपा से प्राप्त परिस्थिति में आमश्राद्ध / हिरण्य श्राद्ध (उक्त में से जो किया जा रहा है, उसका उल्लेख करें) किया है । इसके द्वारा पूर्वजों को अन्न और जल मिले । इस दान से सभी पूर्वज संतुष्ट हों । हम पर उनकी कृपादृष्टि बनी रहे । हमारी आध्यात्मिक उन्नति हेतु उनके आशीर्वाद प्राप्त हों । आपकी कृपा से उन्हें सद्गति प्राप्त हो ।’
– सनातन पुरोहित पाठशाला, सनातन आश्रम, रामनाथी, गोवा. (११.८.२०२५)
Sri Mahakaleshwar Temple : मंदिर के पास ४७२ करोड रुपये की सावधि जमा (फिक्स्ड डिपॉजिट) तथा ३०० करोड रुपये मूल्य का स्वर्ण-रजत !
Shri Rammandir Ayodhya : श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद के लिए १८ जुलाई तक आवेदन आमंत्रित
Sassoon General Hospital Pune : पुणे के ‘ससून सर्वोपचार चिकित्सालय’ में ईसाई धर्म का प्रचार करनेवाले दंपति पर अपराध पंजीकृत ।
Chhattisgarh High Court : ‘हिन्दू एक गाली है, जिसका अर्थ चोर, डाकू, लुटेरा तथा गुलाम होता है’ ऐसा कहने वाले ईसाई संगठन के ११ लोगों के विरुद्ध प्रविष्ट अपराध निरस्त नहीं होगा ।
आंध्रप्रदेश – उपद्रवी व्यक्ति ने शिवलिंग के सामने के दीप से सिगरेट जलाई।
जौनपुर में ‘सनातन धर्म जागरण एवं वैदिक संस्कृति संरक्षण’ विषय पर संगोष्ठी संपन्न I