Prafull Ketkar : ‘मतों की चोरी’ के आरोप का षड्यंत्र अमेरिका के नये-साम्यवादी गुटों ने रचा !

साप्ताहिक ‘ऑर्गनाइजर’ के संपादक प्रफुल्ल केतकर का गंभीर आरोप

साप्ताहिक ‘ऑर्गनाइजर’ के संपादक प्रफुल्ल केतकर

पुणे – ‘देश का निर्वाचन आयोग मतदाता सूची चुराने का प्रयास कर रहा है । न्यायव्यवस्था बिक चुकी है । सैन्यदल का दुरुपयोग किया जा रहा है’ – ऐसे आरोप करके लोकतान्त्रिक संस्थाओं पर विश्वास समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है । ऐसे आरोपों से अराजकता उत्पन्न होती है । लोग सडकों पर उतरते हैं । लोकतांत्रिकग मार्ग से परिवर्तन होता है, इस पर जनता का विश्वास समाप्त किया जाता है – ऐसा वक्तव्य साप्ताहिक ‘ऑर्गनाइजर’ के संपादक प्रफुल्ल केतकर ने किया । उन्होंने आरोप लगाया कि अब ‘मतों की चोरी’ के आरोप से यही प्रयोग किया जा रहा है । लोकतंत्र समाप्त करने हेतु ऐसे प्रयोगों का षड्यंत्र अमेरिका के ‘नियो-लेफ्टिस्ट अकादेमिक थिंक टैंक’ (विश्वविद्यालयों में नव-साम्यवादी चिंतन के अध्ययन गुटों) द्वारा रचा जा रहा है ।

‘विश्व संवाद केन्द्र’ तथा ‘डेक्कन एज्युकेशन सोसाइटी’ की ओर से केतकर के द्वारा ‘देवर्षि नारद माध्यम पुरस्कार’ वितरित किए गए । उस समय वे ‘राष्ट्रीय सुरक्षा एवं प्रसारमाध्यम’ विषय पर बोल रहे थे ।

प्रफुल्ल केतकर द्वारा प्रस्तुत कुछ गंभीर सूत्र :

१. दिल्ली की विश्लेषण करनेवाली संस्था ने महाराष्ट्र के निर्वाचन में मत ४० प्रतिशत से बढे, ऐसा कहा । कुछ दिन पश्चात् उसी संस्था ने ‘गलत सूचना दी’ ऐसा कहकर सार्वजनिक क्षमा मांगी । उस पर किसी ने प्रश्न उपस्थित नहीं किया ।

२. बिहार के प्रकरण का विचार करते समय निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची पुनःपरीक्षण का अधिकार है अथवा नहीं – यही मूल प्रश्न था । अवैध स्थलान्तरण का सूत्र था ही नहीं ; परंतु इस सूत्र से विवाद आरंभ हुआ एवं भारत में नहीं, अपितु इसका समाचार पहले ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ में प्रकाशित हुआ ।

सुरक्षा अब केवल सीमा तक ही सीमित नहीं रही ! – केतकर

केतकर ने आगे कहा कि सुरक्षा का विषय अब केवल सीमा तक सीमित नहीं रहा । हमारे विचारों पर आक्रमण करने का प्रयास किया जा रहा है । ‘प्रसारमाध्यमों को सूचना का स्रोत क्या है’, यह प्रश्न पूछने का भी धैर्य नहीं है । ‘ब्रेकिंग समाचार’ के नाम से माध्यमों द्वारा ‘मनोरंजन’ किया जाता है । विशिष्ट चिंतन अपनाने (बोने) हेतु सर्व प्रकार के माध्यमों का उपयोग किया जाता है – इस ओर केतकर ने ध्यान आकर्षित किया ।