Bihar Illegal Madrasas : बिहार में विदेशी फंड पर चलनेवाले अवैध मदरसों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग करेगा कार्रवाई

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो

नई दिल्ली – बिहार राज्य में भारत-नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में बडी संख्या में अवैध, बिना पंजीकरणवाले मदरसे संचालित हो रहे हैं, यह बात पहले ही मीडिया ने उजागर कर दी है । यह जानकारी सामने आने के पश्चात राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने तुरंत इसका संज्ञान लिया एवं कार्रवाई आरंभ कर दी है ।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने बताया कि इन मदरसों में बांग्लादेशी घुसपैठियों को छद्म भारतीय पहचानपत्र दिलवाए जा रहे हैं, छोटे बच्चों को कट्टर बनाया जा रहा है, तथा विदेशी धन हवाला के माध्यम से (हवाला – अरबी एवं दक्षिण एशिया के देशों द्वारा पैसे के हस्तांतरण के लिए उपयोग की जानेवाली एक विशिष्ट प्रणाली) मिल रहा है । ये प्रकरण केवल धार्मिक नहीं हैं, अपितु ये सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित हैं । इसलिए, आयोग द्वारा कडी जांच एवं कार्रवाई आरंभ की गई है । ये प्रकरण केवल बिहार या सीमावर्ती क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं हैं । यह एक राष्ट्रीय चेतावनी है कि शिक्षा के नाम पर कुछ संस्थानों से बच्चों के मन में द्वेष, धर्मांधता तथा अलगाववाद के बीज बोए जा रहे हैं ।

मीडिया ने क्या प्रकाशित किया ?

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के ‘जामिया नूरिया मिराजुल उलूम’ मदरसे के एक शिक्षक ने स्वीकार किया कि उन्हें हवाला के माध्यम से पैसा मिलता है एवं वहां जिहादी विचारधारा की शिक्षा दी जाती है ।

सीतामढी स्थित ‘मदरसा इस्लामिया महमूदिया’ नामक संस्था बिना पंजीकरण के एक टीन के शेड के नीचे चलाई जा रही है, जहां बांग्लादेशी घुसपैठियों को नकली पहचान पत्रों के आधार पर प्रवेश दिया जा रहा है । छात्रों को कट्टरपंथी मौलाना जाकिर नाइक के वीडियो दिखाए जा रहे हैं, जो गैर-मुसलमानों के विरुद्ध घृणा उत्पन्न करते हैं ।
‘तालीम-उल-इस्लाम’ नामक पुस्तक में गैर-मुसलमानों को ‘काफिर’ कहा गया है, जो धार्मिक द्वेष तथा इस्लामी कट्टरता को बढावा देनेवाला है ।

जांच में यह सामने आया है कि नेपाल की सीमा से सटे क्षेत्रों में भी इसी तरह की इस्लामी स्कूलों की एक बडी श्रृंखला कार्यरत है, जिन्हें विदेश से धन प्राप्त हो रहा है तथा उन पर कोई दृष्टि (निगरानी) नहीं रखता ।

संपादकीय भूमिका 

ऐसे मदरसों पर राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए !