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बैंकॉक (थाईलैण्ड) — थाईलैण्ड तथा कंबोडिया की सेनाओं के मध्य सीमा पर स्थित एक प्राचीन मन्दिर की भूमि को लेकर हुए संघर्ष में थाईलैण्ड के ११ नागरिकों की मृत्यु हुई, तथा १४ व्यक्ति घायल हुए । इसके पश्चात् थाईलैण्ड ने कंबोडिया की सैन्य चौकियों पर युद्धक विमानों द्वारा हवाई आक्रमण किया । यह गोलीबारी थाईलैण्ड के सुरिन प्रान्त के निकट तथा कंबोडिया के प्राचीन प्रसात ता मुएन थॉम मन्दिर के समीप हुआ । यह मन्दिर भगवान शिव को समर्पित है ।
एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप
कंबोडिया के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि थाईलैण्ड की सेना ने पहले गोली चलाई, जबकि थाईलैण्ड की सेना ने कहा कि कंबोडिया ने पहले एक ड्रोन तैनात किया था,तथा उसके पश्चात् तोपों तथा दीर्घ दूरी तक मार करनेवाले ‘बीएम्–२१’ रॉकेटों से आक्रमण किया । २८ मई के दिन दोनों देशों की सेनाओं के मध्य सीमा पर मुठभेड़ हुई थी, जिसमें कंबोडिया का एक सैनिक मारा गया था । तभी से दोनों देशों के मध्य तनाव चल रहा है ।
११८ वर्षों से मन्दिर के समीप की सीमा को लेकर विवाद !
वर्ष १९०७ में दोनों देशों के मध्य ८१७ कि.मी. लम्बी सीमा निर्धारित की गई थी । उस समय कंबोडिया फ्रांस के अधीन था । थाईलैण्ड ने इस सीमा-रेखा का सदैव विरोध किया, क्योंकि उस समय के मानचित्र में प्रेह विहार नामक ऐतिहासिक मन्दिर को कंबोडिया का भाग दिखाया गया था । इस पर दोनों देशों में विवाद उत्पन्न हुआ । वर्ष १९५९ में कंबोडिया ने यह प्रकरण अन्तरराष्ट्रीय न्यायालय में प्रस्तुत किया, और वर्ष १९६२ में न्यायालय ने मन्दिर को कंबोडिया का भाग घोषित किया । थाईलैण्ड ने इस निर्णय को स्वीकार किया, परन्तु उसके आसपास की भूमि पर विवाद जारी रखा।
वर्ष २००८ में जब कंबोडिया ने इस मन्दिर को ‘युनेस्को’ (संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन) की वैश्विक धरोहर सूची में सम्मिलित करने का प्रयास किया, तब यह विवाद और अधिक बढ़ गया । मन्दिर को मान्यता मिलने के पश्चात् दोनों देशों की सेनाओं में पुनः संघर्ष आरम्भ हुआ तथा वर्ष २०११ में स्थिति इतनी गम्भीर हो गई कि सहस्रों लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े । वर्ष २०११ में अन्तरराष्ट्रीय न्यायालय ने दोनों देशों को विवादित क्षेत्र से अपनी सेना हटाने का आदेश दिया और वर्ष २०१३ में मन्दिर तथा उसके आसपास का क्षेत्र कंबोडिया का होने की पुनः पुष्टि की गई । तथापि, सीमाविवाद आज भी पूर्ण रूप से हल नहीं हुआ है और इसी कारण दोनों देशों के मध्य तनाव अभी भी बना हुआ है ।
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