NCERT Maratha-Sikh History : एन.सी.ई.आर.टी. के समाजशास्त्र पुस्तक में अब मराठा एवं सिख राजवंशो की विस्तृत जानकारी !

(एन.सी.ई.आर.टी. : नॅशनल कौन्सिल ऑफ एज्युकेशनल रिसर्च अँड ट्रेनिंग – राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसन्धान एवं प्रशिक्षण परिषद)


नई दिल्ली – एन.सी.ई.आर.टी. की कक्षा आठवीं के समाजशास्त्र पुस्तक में मुगलों के क्रूरता का इतिहास सम्मिलित किया गया है, साथ ही मराठा एवं सिख राजाओं की भी जानकारी विस्तृत रूप से दी गई है । ‘एक्सप्लोरिंग सोसायटी – इंडिया एंड बियोन्ड’ इस आठवीं के पुस्तक में सिक्ख एवं मराठा इतिहास से सम्बन्धित बातें पूर्व में भी थीं; परन्तु अब उसमें विस्तारपूर्वक प्रकरण समाविष्ट किए गए हैं । ये नई पुस्तकें शैक्षिक सत्र २०२५-२६ से पाठ्यक्रम में समाविष्ट की जाएंगी ।

१. इन नई पुस्तकों में ओडिशा के गजपति शासक नरसिंहदेव, रानी अब्बक्का, साथ ही त्रावणकोर के मार्तंड वर्मा पर प्रकरणों का समावेश है ।

२. गुरु नानक की आध्यात्मिक यात्रा पर एवं गुरु गोविंद सिंह के सैन्य प्रतिकार पर पुस्तक में प्रकरण जोडे गए हैं । उसमें खालसा पंथ का आधार कैसे रचा गया ?, यह बताया गया है । गुरु तेग बहादुर को हुई फांसी की जानकारी भी जोडी गई है । १९वें शतक के मध्य तक सिक्ख साम्राज्य ब्रिटिश राजवट के विरुद्ध कैसे दृढतापूर्वक खडा रहा ?, यह भी इसमें बताया गया है ।

मराठों के इतिहास के लिए अब २२ पृष्ठ !

अब तक आठवीं के पुस्तक में मराठों के विषय में केवल डेढ पृष्ठ था । अब इस अभ्यासक्रम में २२ पृष्ठों का दीर्घ इतिहास जोडा गया है । उसमें १७वें शतक में छत्रपति शिवाजी महाराज का उदय, रायगढ पर उनका राज्याभिषेक, उनकी छापामार शैली, शिवाजी महाराज की सैन्य रणनीति, प्रशासन एवं स्वराज पर बल का समावेश है । शिवाजी महाराज के अतिरिक्त उनके वंशज छत्रपति संभाजी महाराज, राजाराम, शाहूजी, ताराबाई, साथ ही बाजीराव पेशवा प्रथम, महादजी शिंदे एवं नाना फडणवीस की कथाओं का भी समावेश किया गया है । पूर्व में छत्रपति शिवाजी महाराज के लिए चार पंक्तियां दी गई थीं ।