Nato Warns India : ‘नाटो’ की भारत पर १०० प्रतिशत कर लगाने की धमकी

रूस को यूक्रेन के साथ युद्ध रोकने के लिए बल पूर्वक कहने के लिए बाध्य करना (दबाब )।

(‘नाटो’ अर्थात ‘नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन’ – यह विश्व के २९ देशों का एक सैन्य संगठन है ।)

(बांए से) NATO के महासचिव मार्क रुटे, भारत के प्रधानमंत्री मोदी, चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग और ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला

ब्रुसेल्स (बेल्जियम) – रूस के साथ व्यापार चालू रखने पर भारत, चीन तथा ब्राजील पर १०० प्रतिशत कर लगाने की धमकी ‘नाटो’ ने दी है । अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने यूक्रेन को नए शस्त्र देने तथा रूस के व्यापारिक साझेदारों पर भारी कर लगाने की घोषणा की है । ऐसे समय ‘नाटो’ ने यह धमकी दी है । अमेरिका अब यूक्रेन को ‘पैट्रियट’ जैसे आधुनिक शस्त्र देने वाला है ।

पुतिन को शांति चर्चा को गंभीरता से लेने के लिए बाध्य करना चाहिए – ‘नाटो’

‘नाटो’ के महासचिव मार्क रुट ने धमकी देते हुए कहा कि, यदि आप चीन के राष्ट्राध्यक्ष हैं, भारत के प्रधानमंत्री हैं अथवा ब्राजील के राष्ट्रपति हैं, तो आपको यह समझना होगा कि रूस के साथ व्यापार चालू रखने से भारी हानि हो सकती है । इन देशों को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन पर शांति चर्चा को गंभीरता से लेने के लिए बाध्य करना चाहिए । यदि ये देश रूस से तेल एवं गैस का क्रय चालू रखते हैं, तो इन देशों पर १०० प्रतिशत प्रतिबंध लगाए जाएंगे ।

हम अपनी नीति नहीं बदलेंगे ! – रूस का प्रत्युत्तर

रूस के उपविदेश मंत्री सर्गेई रियाबकोव्ह ने ‘नाटो’ की धमकी पर कहा कि, रूस ट्रम्प से चर्चा के लिए तैयार है; किंतु ऐसी धमकियां स्वीकार नहीं हैं । आर्थिक बाध्यता के बाद भी रूस अपनी नीति नहीं बदलेगा तथा वैकल्पिक व्यापार मार्गों को ढूंढेगा ।

भारत पर प्रतिबंधों का क्या प्रभाव पडेगा ?

१. भारत रूस से कच्चे तेल का बडी मात्रा में क्रय करता है । प्रतिबंधों के कारण रूस से होने वाली तेल आपूर्ति रुक सकती है । इससे भारत को वैकल्पिक स्रोतों (जैसे कि सऊदी अरब, इराक) से महंगा तेल क्रय करना पड़ सकता है, जिससे तेल के मूल्यों में बृद्धि होगी ।

२. यदि भारत रूस से तेल क्रय करना बंद करता है, तो ईंधन का मूल्य बढ सकता है , जिसका प्रभाव सामान्य नागरिक पर पडेगा । यदि भारत रूस के साथ व्यापार चालू रखता है, तो अमेरिका भारतीय कंपनियों अथवा बैंकों पर प्रतिबंध लगा सकता है, जिससे भारत के निर्यात एवं आर्थिक लेन-देन प्रभावित हो सकते हैं ।

३. यदि रूस से तेल आयात रुकता है, तो भारत की ऊर्जा सुरक्षा संकट में पड सकती है । वैश्विक तेल बाजार पहले से ही अस्थिर है और नए प्रतिबंधों से स्थिति और भी गंभीर हो सकती है । तेल की कमी से बचने के लिए भारत को आपातकालीन योजनाएं बनानी पड सकती हैं ।

४. भारत को अमेरिका और ‘नाटो’ बाध्य कर सकता है, जिससे उसकी विदेश नीति पर प्रभाव पड़ सकता है । रूस तथा पश्चिमी देशों के बीच संतुलन बनाए रखना भारत के लिए कठिन हो सकता है ।

संपादकीय भूमिका

क्या ‘नाटो’ के सभी देशों को यह स्वीकार है ? यह पहले देखना होगा । भारत ने अब तक ऐसी धमकियों के आगे कभी घुटने नहीं टेके हैं , अब भी नहीं टेकेगा, यह स्पष्ट है !