आतंकवाद के विरुद्ध कार्रवाई चलती रहेगी ! – Rajnath Singh

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन में पाक से कहा !

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

शंघाई (चीन) – हम आतंकवाद के विरुद्ध कार्रवाई जारी रखेंगे । शांति, समृद्धि एवं आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते । इन चुनौतियों का सामना करने के लिए निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता है । हम अपनी सुरक्षा के लिए इन नीतियों के विरुद्ध लडाई जारी रखेंगे, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान एवं चीन से कहा । वह चीन के किंगदाओ में आयोजित ‘शंघाई सहयोग सम्मेलन’ में बोल रहे थे । सम्मेलन में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भी उपस्थित थे । ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के कारण दोनों देशों के बीच हुए तनाव के उपरांत पहली बार दोनों देश आमने-सामने आए।

एस.सी.ओ. सदस्यों को आतंकवादियों का समर्थन करने वालों की निंदा करनी चाहिए !

राजनाथ सिंह ने कहा कि कुछ देश सीमा पार आतंकवाद को रणनीतिक शस्त्र के रूप में उपयोग करते हैं एवं आतंकवादियों को शरण देते हैं। इस प्रकार के दोहरे मानदंडों के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। एस.सी.ओ. को ऐसे देशों की आलोचना करने में संकोच नहीं करना चाहिए। आतंकवाद का कोई भी कृत्य आपराधिक एवं अन्यायपूर्ण है, चाहे इसका उद्देश्य कुछ भी हो, जहां भी, जब भी एवं जिसके द्वारा भी ऐसे कृत्य किए गए हों, एस.सी.ओ. सदस्यों को इस दुष्ट कृत्य की स्पष्ट रूप से निंदा करनी चाहिए, उन्होंने आवाहन किया ।

भारत शांति एवं समृद्धि को महत्व देता है !

पहलगाम में हुए आतंकवादी आक्रमण का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पहलगाम में धार्मिक पहचान के आधार पर पर्यटकों पर गोली चलाई गई। कोई भी देश, चाहे वह कितना भी बडा एवं शक्तिशाली क्यों न हो, अकेले काम नहीं कर सकता। इसलिए वैश्विक व्यवस्था में आपसी विश्वास एवं सहयोग पर बल देना चाहिए। भारत शांति एवं समृद्धि को महत्व देता है।

चीन की शासकीय भेंट से पूर्व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘एक्स’ पर संदेश में लिखा कि, वे वैश्विक शांति एवं सुरक्षा के लिए भारत के दृष्टिकोण को प्रस्तुत करने के लिए उत्सुक हैं एवं आतंकवाद को मिटाने के लिए संयुक्त प्रयासों का आह्वान करते हैं।

बलूचिस्तान का उल्लेख; मात्र पहलगाम का उल्लेख न करने वाले संयुक्त वक्तव्य पर भारत ने हस्ताक्षर करने में असहमति व्यक्त की !

सम्मेलन के समय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संयुक्त वक्तव्य पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। वक्तव्य में पहलगाम में आतंकवादी आक्रमण का उल्लेख नहीं किया गया; किन्तु बलूचिस्तान में कथित आतंकवादी गतिविधियों का सीधे-सीधे उल्लेख किया गया।

पाकिस्तान ने बार-बार भारत पर बलूचिस्तान स्वतंत्रता आंदोलन का समर्थन करने का आरोप लगाया है, जिसका भारत ने हर बार खंडन किया है।