(और इनकी सुनिए) ‘सिंधु जल संधि रोकी न जाए ।’

५७ इस्लामी देशों के ‘इस्लामी सहयोग संगठन’ की बैठक में आवाहन 

इस्तांबुल (तुर्किये) – यहाँ २२ जून को हुई ५७ इस्लामी देशों की ‘इस्लामी सहयोग संगठन’ (‘ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन’) की परराष्ट्र मंत्रियों की परिषद में सिंधु जल संधि तथा पाकिस्तान-भारत के बीच हुए द्विपक्षी ‘सहमति’ का पालन करने का आवाहन दोनों देशों से किया गया ।

इस संदर्भ में प्रसारित किए गए निवेदन में कहा गया है कि दक्षिण एशिया में घटित सैन्य कार्रवाइयों को लेकर हम चिंतित हैं । भारत ने पाकिस्तान के अनेक स्थानों पर आक्रमण किए । हम दोनों देशों से संयम बनाए रखने और आक्रामक भूमिका न अपनाने का आवाहन करते हैं । साथ ही सिंधु जल संधि रोकी न जाए । पहले की भाँति दोनों देश इस सहमति का पालन करें । हम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, इस्लामी सहयोग संगठन के प्रस्ताव और कश्मीर के लोगों की इच्छा के अनुसार उनके मानवाधिकारों का पूर्ण समर्थन करते हैं ।

पाकिस्तान के परराष्ट्र मंत्री इशाक डार इस बैठक में सहभागी हुए थे । डार के साथ पाकिस्तानी सेना के फील्ड मार्शल असीम मुनीर भी उपस्थित थे । मुनीर ने तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप एर्दोगान से भेंट की ।

संपादकीय भूमिका

‘पाकिस्तान भारत में आतंकवादी गतिविधियां न करे’, ऐसा आवाहन इस्लामी संगठन क्यों नहीं करते ?