
मुम्बई – हिन्दुत्वनिष्ठ एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री अरविंद विठ्ठल कुळकर्णी का दिनांक १५ जून को पवई स्थित उनके निवासस्थान पर ८४ वर्ष की आयु में वृद्धावस्था के कारण निधन हो गया । उनके पीछे उनकी पत्नी एवं दो पुत्र हैं । वे पवई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.टी.) परिसर में निवास करते थे । दिनांक १६ जून को पवई स्थित मोक्षधाम श्मशानभूमि में उनका अंतिम संस्कार किया गया ।
अरविंद कुळकर्णी प्रखर राष्ट्रवादी विचारधारा के थे । उन पर स्वातंत्र्यवीर सावरकर के विचारों का गहरा प्रभाव था । स्वातंत्र्यवीर सावरकर के साहित्य का उन्होंने गहन अध्ययन किया था । उन्होंने विविध समाचार-पत्रों एवं समाचार-संस्थाओं में पत्रकारिता की । कुछ समय उन्होंने ‘हिन्दुस्थान समाचार’ नामक समाचार संस्था में कार्यालय प्रमुख (ब्यूरो प्रमुख) के रूप में कार्य किया था । इसके अतिरिक्त ‘मिड डे’ नामक अंग्रेजी तथा ‘मराठा’ नामक मराठी समाचार-पत्रों में भी उन्होंने कार्य किया । उन्होंने साप्ताहिक ‘विवेक’ के सम्पादक के रूप में भी दायित्व निभाया । वृद्धावस्था में भी वे ‘अधोरेखित’ नामक अपनी यूट्यूब वाहिनी का संचालन करते थे । उस पर वे राष्ट्र, धर्म एवं समाज विषयक प्रबोधन के विश्लेषणात्मक चलचित्र प्रसारित करते थे । वर्ष २०१३ की ‘धुले दंगा सत्यशोधन समिति’ के वे सदस्य भी थे ।
अरविंद कुळकर्णी के लेखन एवं वक्तृत्व से अनेक लोगों को राष्ट्र एवं धर्म के कार्य हेतु प्रेरणा प्राप्त हुई । हिन्दूद्वेषियों एवं प्रगतिशीलतावादियों द्वारा हिन्दू धर्म पर की जाने वाली आलोचनाओं का उन्होंने समय-समय पर अध्ययनपूर्वक खंडन किया । उनका वक्तृत्व भी अत्यन्त स्पष्ट, निर्भीक एवं प्रखर होता था । समाज के विविध क्षेत्रों के मान्यवरों से उनके आत्मीय संबंध थे । उनके निधन पर सभी क्षेत्रों से मान्यवरों ने संवेदना प्रकट की है ।
‘सनातन प्रभात’ एवं ‘सनातन संस्था’ से संबंध

श्री अरविंद विठ्ठल कुळकर्णी ने कुछ काल ‘सनातन प्रभात’ नियतकालिक समूह के ‘समादेशक सम्पादक’ के रूप में उत्तरदायित्व सम्भाला था । ‘सनातन प्रभात’ में उनके राष्ट्र एवं धर्म विषयक विविध लेख प्रकाशित हुए हैं । उनका ‘शरसंधान’ नामक स्तम्भ ‘सुघोष’ नाम से ‘सनातन प्रभात’ नियतकालिक में प्रकाशित होता था । इस स्तम्भ का एक विशाल वाचकवर्ग था । सत्यपरक एवं स्पष्ट रूप से वस्तुस्थिति प्रस्तुत करनेवाला उनका लेखन अनेक लोगों को अत्यन्त प्रिय था ।
‘सनातन प्रभात’ के वार्ताहारों को समय-समय पर उनका मार्गदर्शन प्राप्त हुआ । ‘सनातन प्रभात’ की मुम्बई, ठाणे, रायगढ, उत्तर महाराष्ट्र एवं विदर्भ आवृत्ति की १०वीं एवं ११वीं वार्षिकोत्सव सभाओं में वे प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित थे । वर्ष २०११ में हिन्दू जनजागृति समिति की ‘राष्ट्र जागृति सभाओं’ में उन्होंने वक्ता के रूप में मार्गदर्शन किया था । सनातन संस्था के देवद (पनवेल) एवं रामनाथी (गोवा) स्थित आश्रमों में भी उन्होंने भेंट दी थी । सनातन के कठिन काल में उन्होंने संस्था को दृढ समर्थन प्रदान किया था ।
सनातन परिवार, कुळकर्णी परिवार के दुःख में सहभागी है । ईश्वरचरणों में प्रार्थना है कि श्री अरविंद कुलकर्णी की आत्मा को सद्गति प्राप्त हो ।
‘लडवैये पत्रकार’ के रूप में अरविंद कुळकर्णी सदैव स्मरण में रहेंगे ! – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
मुंबई – वरिष्ठ स्वयंसेवक एवं पत्रकार अरविंद विठ्ठल कुळकर्णी के निधन से राष्ट्रवादी विचारों से ओतप्रोत तथा साहसपूर्वक राष्ट्रवाद प्रस्तुत करने वाले एक पत्रकार समय के प्रवाह में विलीन हो गए हैं ।
ज्येष्ठ स्वयंसेवक, पत्रकार अरविंद विठ्ठल कुलकर्णी यांच्या निधनाचे वृत्त अतिशय दु:खद आहे. त्यांच्या निधनाने राष्ट्रवादी विचाराने भारलेला आणि लढाऊपणे राष्ट्रवाद मांडणारा एक पत्रकार काळाच्या पडद्याआड गेला आहे. त्यांनी अनेक तरुणांना राष्ट्रीय विचाराच्या पत्रकारितेचे धडे दिले होते.… pic.twitter.com/D3ztfPE8cb
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) June 16, 2025
उन्होंने अनेक युवाओं को राष्ट्रीय विचारों पर आधारित पत्रकारिता की शिक्षा दी थी । महाराष्ट्र की राजनीति को अत्यंत समीप से देखने वाले तथा महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों पर टिप्पणी करने वाले एक संघर्षशील पत्रकार के रूप में वे सदैव स्मरण में रहेंगे ।
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