Population of Muslims Growing : विश्व में वर्ष २०१० से २०२० की कालावधि में मुसलमानों की जनसंख्या में द्रुत गति से वृद्धि

  • ईसाइयों के प्रतिशत में कमी, हिन्दुओं की जनसंख्या स्थिर, जबकि नास्तिकों की संख्या में २ प्रतिशत वृद्धि

  • हिन्दुओं की तुलना में मुसलमानों की जनसंख्यावृद्धि लगभग तिप्पट !

  • विश्व में हिन्दुओं की अपेक्षा नास्तिकों की संख्या अधिक !

वाशिंग्टन (अमेरिका) – प्यू रिसर्च सेंटर की अंकवारी के अनुसार वर्ष २०१० से वर्ष २०२० के पूरे दशक में विश्व में मुसलमानों की जनसंख्या द्रुत गति से बढी, जबकि हिन्दुओं की जनसंख्या स्थिर रही, ऐसा दिखाई दिया है । मुसलमानों की जनसंख्या इन १० वर्षोें में ३४ करोड ७० लाख से बढ कर १९४ करोड ६० लाख हुई है । वहीं हिन्दुओं की जनसंख्या १२ करोड ६० लाख से बढ कर ११५ करोड ८० लाख हो गई है । ‍वैश्विक स्तर पर इसका प्रतिशत १५ है। इससे पूर्व भी यह लगभग इतना ही था ।

१. विश्व में आज भी ईसाइयों की जन संख्या सर्वाधिक है । गत १० वषोें में वह १२ करोड २० लाख से बढ कर २२९ करोड हो गई है; अभी भी ईसाइयों की संख्या का ‍वैश्विक जनसंख्या में हिस्सा ३० प्रतिशत से २८ प्रतिशत हो गया है ।

२. वर्ष २०१० में ११३ करोड नास्तिक थे, जो वर्ष २०२० में १४० करोड हो गए । कुल मिला कर ‍वैश्विक जनसंख्या मे नास्तिकों का हिस्सा १६.४ प्रतिशत से १८.२ प्रतिशत हो गया ।

३. विश्व में बौद्ध लोगों की संख्या १ करोड ९० लाख से घट कर ३२ करोड ४० लाख हो गई है । ज्यू लोगों की विश्व में सब से न्यून धार्मिक जनसंख्या है । वे १ करोड ४० लाख से १ करोड ५० लाख तक पहुंचे ; परंतु यह अंश ०.२ प्रतिशत ही रहा ।

संपादकीय भूमिका

  • विश्व में मुसलमानों की जनसंख्या बढने के पीछे काैनसे कारण हैैं, यह अलग से बताने की आवश्यकता नहीं है; परंतु इसी समय ईसाइयों की जनसंख्या न्यून होने के पीछे उनके द्वारा धर्म का त्याग बडा कारण है । भारत के ईसाई मिशनरियों काे इसका विचार करना चाहिए!

  • विश्व में नास्तिकों की संख्या बढते समय उनका मूल धर्म कौनसा है, इसका भी अभ्यास होना आवश्यक !