Fake Document : उत्तर प्रदेश में नकली कागज पत्र बनाने वाले २ मुस्लिमों को बंदी बनाया

  • ९०० रुपये में बना रहे थे आधार कार्ड तथा पैन कार्ड

  • नकली कागज पत्र बनाकर कमाए करोड़ों रुपये

प्रतीकात्मक तस्वीर

बरेली (उत्तर प्रदेश) – पुलिस ने मोहम्मद फाहीम और उसके साथी जियाउल मुस्तफा को बंदी बनाया , जो पिछले एक वर्ष से आधार कार्ड, पैन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, जाति तथा आय प्रमाण पत्र बना रहे थे । पुलिस ने जब जन सुविधा केंद्र पर छापा मारा तो उन्हें नकली कागज पत्र मिले । दोनों के पास उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार और झारखंड के लोगों के नकली प्रमाण पत्र मिले हैं । पुलिस अधीक्षक मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि दोनों आरोपी पिछले १ वर्ष से नकली प्रमाण पत्र बना रहे थे ।

२. फहीम उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में आधार कार्ड अपडेट करने का काम करता था , लेकिन लोगों से ज्यादा पैसे लेने की शिकायत मिलने पर उसके वरिष्ठ अधिकारियों ने उसे नौकरी से निकाल दिया ।

२. इसके बाद साल २०२४ में उसने अपने गांव में ‘ आजारी जन सुविधा केंद्र’ तथा ‘आधार केंद्र’ खोला । यहां वह जियाउल मुस्तफा के साथ मिलकर आधार कार्ड , पैन कार्ड , वोटर आइडी कार्ड , निवास प्रमाण पत्र , जाति प्रमाण पत्र , ‘हाईस्कूल ऑफ यूपी बोर्ड’ की नकली मार्कशीट आदि कागज पत्र बनाता था । ये दोनों केवल ९०० रुपये में नकली कागज पत्र बनाते थे ।

३. नकली कागज पत्र बनाकर इस समूह ने अब तक करोड़ों रुपये कमाए हैं ।

संपादकीय भूमिका

  • क्या भारत में धर्मनिरपेक्षतावादी और पुरोगामी (अधोगामी ) लोग इस बात पर बात करेंगे कि एक अल्पसंख्यक समुदाय आपराधिक गतिविधियों में सबसे आगे क्यों है ?
  • किसके नकली कागज पत्र बन रहे थे ? क्या ये बांग्लादेशी या रोहिंग्या घुसपैठियों के लिए बन रहे थे ? इसकी भी जांच होनी चाहिए !
  • नकली कागज पत्र बनाकर करोड़ों रुपये कमाने का अर्थ है कि हजारों लोगों के कागज पत्र बन चुके हैं । अब इन दोनों को मृत्युदंड मिलना चाहिए !