राजकोट (मालवण) में श्री छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का मुख्यमंत्री के हस्त-कमलों द्वारा अनावरण

  • करंजे में देशी गायों की भव्य गोवर्धन गौशाला का उद्घाटन

  • कोकण के विकास को सरकार की प्राथमिकता ! – मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

राजकोट में स्थापित श्री छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा

सिंधुदुर्ग – जिले के मालवण तालुका के अंतर्गत राजकोट में स्थापित की गई श्री छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा कुछ माह पूर्व दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी । उसी समय यहां पर श्री छत्रपति शिवाजी महाराज की भव्य प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया गया तथा आज वह संकल्प पूर्ण हुआ । यहां आने वालों को श्री छत्रपति शिवाजी महाराज के स्वराज्य का अनुभव हो, इस प्रकार की ‘शिवसृष्टि’ निर्मित कर सम्पूर्ण परिसर का विकास किया जाएगा । कोकण ने महायुति को सदैव भरपूर प्रेम दिया है । अतः कोकण के विकास महायुति की प्राथमिकता है । कोकण को जितना दिया जा सके, उतना देने का प्रयास किया जा रहा है । साथ ही पर्यटन के माध्यम से कोकण के विकास पर विशेष बल दिया जाएगा, ऐसा वक्तव्य महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यहां पर किया ।

 प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री तथा उपमुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री फडणवीस के हस्त-कमलों द्वारा पूजन एवं श्री छत्रपति शिवाजी महाराज की आरती कर राजकोट में स्थापित की गई श्री छत्रपती शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण ११ मई को किया गया । तत्पश्चात वहां के परिसर का मान्यवरों द्वारा निरीक्षण किया गया । इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, राज्य के सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले, पालक मंत्री नितेश राणे, सांसद नारायण राणे, पूर्व मंत्री रविंद्र चव्हाण, विधायक दीपक केसरकर, विधायक नीलेश राणे आदि उपस्थित थे ।

गोवर्धन गोशाला का प्रारूप

राजकोट में स्थापित की गई यह प्रतिमा शौर्य का प्रतीक है । यहां पर आने के पश्चात प्रत्येक व्यक्ति को प्रेरणा अवश्य प्राप्त होगी, ऐसा मत उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने व्यक्त किया । ₹ ३१ कोटी ७५ लाख की लागत से ६० फुट ऊंचाई की यह कांस्य धातु की प्रतिमा स्थापित की गई है । प्रतिमा की स्थापना के लिए सहयोग करने वालों का इस अवसर पर सत्कार किया गया । राष्ट्रगीत और राज्यगीत के गायन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया ।

देशी गायों के संरक्षण और संवर्धन के लिए ‘गोवर्धन गौशाला’ का शुभारंभ !

कणकवली – मालवण में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के अनावरण के पश्चात दोपहर में कणकवली तालुका के करंजे में सांसद नारायण राणे की संकल्पना से स्व. तातू सीताराम राणे ट्रस्ट द्वारा संचालित ‘गोवर्धन गौशाला’ का उद्घाटन मुख्यमंत्री फडणवीस के हस्त-कमलों द्वारा किया गया । मान्यवरों के कार्यस्थल पर आगमन के पश्चात सर्वप्रथम गौशाला के श्रीकृष्ण मंदिर में मुख्यमंत्री फडणवीस के हस्त-कमलों द्वारा पूजन किया गया । तत्पश्चात गौशाला परिसर में श्रीकृष्ण के जीवन की झाकी दर्शाने वाली चित्रप्रदर्शनी सभी ने देखी, साथ ही गौशाला का भी निरीक्षण किया । मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस अवसर पर गौपूजन भी किया ।

गौसंवर्धन एक ईश्वरीय कार्य है और इसके लिए प्रेरणा प्राप्त होनी चाहिए, ऐसी गौशाला ! – मुख्यमंत्री फडणवीस

उद्घाटन के बाद करंजे में स्थित गोशाला को देखते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस

इस गौशाला के संबंध में बोलते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, ‘‘अत्यंत सुंदर प्रकल्प है । महाराष्ट्र की जिन उत्तम गौशालाओं की बात की जाती है, उनमें यह गौशाला एक श्रेष्ठ उदाहरण है । गौसंवर्धन से किस प्रकार अर्थव्यवस्था का निर्माण हो सकता है, इसका सजीव उदाहरण यहां प्रस्तुत किया गया है । गाय जन्म से लेकर मृत्यु तक केवल देना ही जानती है । ऐसी गौशालाओं के कारण वधशालाओं में जाने वाली गायों का जीवन बच सकेगा । यहां केवल गौशाला ही नहीं है, अपितु गोमूत्र, गोबर आदि से विविध उत्पाद भी निर्मित किए जायेंगे । इस कारण यह स्थल कृषि तथा पशु संवर्धन पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हुआ है । महाराष्ट्र में जहां गोधन कम हुआ, वहां आत्महत्या की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है । साथ ही रासायनिक खादों के उपयोग के कारण भारी हानि हुई है । अब हम पुनः प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं । प्राकृतिक खेती के लिए गोमाता के बिना कोई विकल्प नहीं है । अतः देश और राज्य में गौसंवर्धन के साथ प्राकृतिक खेती के अभियान की शुरुआत की गई है । देशी गायों का संरक्षण कर ही हम आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ सकते हैं । इस प्रकल्प से प्रेरणा लेकर हमारे यहां देशी गायों की संख्या बढे, इसके लिए हम प्रयास करेंगे । गौसंवर्धन एक ईश्वरीय कार्य है और इस कार्य के लिए ईश्वर आप सबको आशीर्वाद दे, ऐसी मैं प्रार्थना करता हूं ।’’ इस अवसर पर अन्य मान्यवरों ने भी अपने विचार व्यक्त किए ।