सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के जन्मोत्सव के अवसर पर …

महर्षि की आज्ञा से मेरा जन्मदिन प्रतिवर्ष मनाया जा रहा है । इसके लिए थोड़ा अधिक प्रमाण में खर्च भी करना पड़ रहा है, लेकिन खर्च की तुलना में समाज को आध्यात्मिक स्तर पर होने वाला लाभ अधिक है । यह लाभ देखने पर समझ में आता है कि ‘क्यों महर्षि ऐसा करने के लिए कह रहे हैं ?’
-सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले
हिन्दुओ, तृतीय विश्वयुद्ध के दुष्परिणाम टालने के लिए यज्ञसंस्कृति का पुनरुत्थान करो !
साधको, शब्दशक्ति के माध्यम से संदेह फैलाने हेतु सक्रिय सातवें पाताल की बडी अनिष्ट शक्तियों की चाल पहचानकर साधना बढाओ !
राजमातंगी देवी की उपासना का कला की दृष्टि से महत्त्व
आध्यात्मिक उपचारों के संदर्भ में यह ध्यान रखें !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !