सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के जन्मोत्सव के अवसर पर …

महर्षि की आज्ञा से मेरा जन्मदिन प्रतिवर्ष मनाया जा रहा है । इसके लिए थोड़ा अधिक प्रमाण में खर्च भी करना पड़ रहा है, लेकिन खर्च की तुलना में समाज को आध्यात्मिक स्तर पर होने वाला लाभ अधिक है । यह लाभ देखने पर समझ में आता है कि ‘क्यों महर्षि ऐसा करने के लिए कह रहे हैं ?’
-सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले
कोटि कोटि प्रणाम !
सनातन धर्म के मूर्तिमान स्वरूप सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के श्री चरणों में कोटि-कोटि वंदन !
प.पू. भक्तराज महाराजजी द्वारा अपने शिष्य डॉ. आठवलेजी के प्रति व्यक्त गौरवोद्गार !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के आध्यात्मिक स्तर के अनुसार, उनके विभिन्न समय के छायाचित्र से उनके सगुण-निर्गुण स्पंदनों का सद्गुरु डॉ. मुकुल गाडगीळजी द्वारा किया अभ्यास
अधिवक्ता रामदास केसरकर द्वारा प.पू. डॉक्टरजी का द्रष्टापन अनुभव करना !
‘सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का वाक्य ब्रह्मवाक्य होता है’, इसकी १८ वर्ष उपरांत हुई प्रतीति !