‘हिन्दू नववर्ष स्वागत यात्रा समिति, कुर्ला (पश्चिम)’ की ओर से कुर्ला (मुंबई) में हिन्दू दिनदर्शिका का प्रकाशन ।

आध्यात्मिक साधना द्वारा ईश्वर को प्राप्त करना ही मानव धर्म है – भारताचार्य पू. प्रा. सु.ग. शेवडे

दिनदर्शिका जारी करते हुए भारताचार्य पू. प्रा. सु.ग. शेवडे

मुंबई, २३ मार्च (वार्ता) – भगवान तय करते हैं कि प्रत्येक वस्तु और प्राणी को कैसे व्यवहार करना चाहिए, कैसे और कहां रहना चाहिए, और यही उन वस्तुओं और प्राणियों का धर्म है। भरताचार्य के अनुसार मनुष्य का कर्तव्य है कि वह साधना के माध्यम से ईश्वर को प्राप्त कर मोक्ष प्राप्त करे। पू. प्रा. सु.ग. शेवड़े कुर्ला में ‘हिन्दू दिनदर्शिका विमोचन समारोह’ में उपस्थित थे। हिन्दू नववर्ष स्वागत यात्रा समिति, कुर्ला (पश्चिम) ने हिन्दू वर्ष के महीनों, तिथियों और त्योहारों के बारे में हिंदुओं को जानकारी हो, इसके लिए इस वर्ष पहली बार हिन्दू महीनों के अनुसार दिनदर्शिका तैयार किया है। २३ मार्च को कुर्ला (पश्चिम) के छत्रपति शिवाजी महाराज खेल मैदान में ‘उत्सव हिंदुत्वचा, उत्सव कुर्ल्याचा’ नामक दिनदर्शिका का भव्य विमोचन समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह को भारताचार्य पू.प्रा. सु.ग. शेवडे मुख्य रूप से उपस्थित थे।

हिन्दू दिनदर्शिका के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा,…

१.  ईसाई दिनदर्शिका केवल कालक्रम के लिए बनाया गया है, जबकि हिन्दू दिनदर्शिका समय नियोजन के लिए बनाया गया है। ईसाई दिनदर्शिका में वर्ष के ३६५ दिनों को १२ महीनों में व्यवस्थित करने के लिए कुछ महीनों में ३० दिन और कुछ महीनों में ३१ दिन की व्यवस्था की गई है, जिसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।

२. हालांकि, हिन्दू महीने सामान्यतः ३० दिन के होते हैं। इनमें से प्रत्येक दिन का अपना व्यक्तित्व और महत्व है। हिन्दू पंचांग के अनुसार सिद्ध यह दिनदर्शिका हिंदुओं के लिए गौरव का स्रोत है।

दीप प्रज्वलन करते हुए, सर्वेश्वर नगर के संघचालक श्री. प्रभाकर परांजपे और भारताचार्य माननीय प्रा. सु.ग. शेवडे

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। भारताचार्य माननीय प्रा. सु.ग. शेवडे ने मोमबत्ती से दीपक जलाया। इस अवसर पर सर्वेश्वरनगर के संघचालक श्री. प्रभाकर परांजपे उपस्थित थे। दिनदर्शिका के लिए विज्ञापन और वित्तीय सहायता प्रदान करने वाले दानदाताओं को गणमान्य व्यक्तियों द्वारा शॉल और प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर देश के पहले गोविंदा दस्ते गोरखनाथ महिला गोविंदा दस्ते को भी सम्मानित किया गया, जिसने पूरे देश में ख्याति अर्जित की है। विमोचन समारोह स्थल पर राष्ट्रीय नायकों की कहानियों, जीवनियों और वीरगाथाओं पर आधारित पुस्तकों की प्रदर्शनी और बिक्री केंद्र स्थापित किया गया। मंच के पास एक भव्य रंगोली बनाई गई थी, जिसमें हिन्दू महीनों के विशिष्ट नाम दर्शाए गए थे। चूंकि इस वर्ष पहली बार हिन्दू दिनदर्शिका को प्रमाणित किया गया था, इसलिए आयोजकों ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्रकाशन समारोह को हिन्दू धर्म के वरिष्ठ और जानकार संतों का आशीर्वाद प्राप्त हो, भारताचार्य पू. प्रा. सु.ग. शेवडे को आमंत्रित किया है, जो वर्तमान में सनातन संस्था के रामनाथी (गोवा) आश्रम में रहते हैं। प्रा. सु.ग. मैं शेवड़े से मिलने आश्रम गया और उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित किया। कार्यक्रम की शुरुआत में राष्ट्रीय एवं धार्मिक विषयों पर गीतों का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राज्य गान ‘जय जय महाराष्ट्र माझा’ से हुई और समापन पूर्ण राष्ट्रगान ‘वंदे मातरम’ के साथ हुआ।

हिन्दू दिनदर्शिका की अवधारणा को लागू किया गया ताकि नई पीढ़ी को जानकारी दी जा सके – किरण दामले, कार्यवाहक अध्यक्ष, हिन्दू नववर्ष स्वागत यात्रा समिति, कुर्ला (पश्चिम)

वार्षिक त्यौहार ईसाई दिनदर्शिका की तरह आगे-पीछे होते रहते हैं। यह हमारे त्यौहारों का दोष नहीं है, बल्कि यह है कि हमने अपने त्यौहारों को गलत दिनदर्शिका में डाल दिया है। इसलिए वर्तमान पीढ़ी को हिन्दू महीनों के नाम भी नहीं पता हैं। पहली बार हिन्दू दिनदर्शिका की संकल्पना कार्यान्वित की गई है, ताकि आनेवाली पीढ़ी को कम से कम हमारे हिन्दू महीने, तिथियां तथा कौन-सा त्योहार किस हिन्दू महीने में आता है, यह तो पता चल सके। हिन्दू नववर्ष के प्रारंभ के अवसर पर यह दिनदर्शिका अधिकाधिक घरों में पहुंचाया जाना चाहिए, ऐसा आवाहन हिन्दू नववर्ष स्वागत यात्रा समिति, कुर्ला (पश्चिम) के कार्याध्यक्ष श्री. किरण दामले द्वारा निर्मित। उन्होंने लोगों से गुड़ी पडवा के अवसर पर नववर्ष स्वागत जुलूस में शामिल होने की भी अपील की।