गत ७ वर्षों से सूखा होने के कारण उठाया कदम

रबात (मोरक्को) – उत्तर अफ्रीका के इस्लामी देश मोरक्को ने इस वर्ष के बकरी ईद त्यौहार के अवसर पर बकरे की बलि न देने का मुसलमान जनता को आवाहन किया है । मोरोक्को के राजा मोहम्मद सहावे ने ‘ईद उल-जुहा’, अर्थात ´बकरी ईद´ मुसलमानाें के सबसे बडे त्यौहार के निमित्त स्वयं आगे आकर जनता को ऐसा आवाहन किया है ।
🛑 Morocco Urges Against Bakri Eid Sacrifice! 🇲🇦
🚨 Mu$lim-majority Morocco (99.7% Mu$lim) asks people not to perform Qurbani this year due to a 7-year-long drought. 🌿💧
✅ With I$l@m as the official religion, the appeal may be well-received.
🤔 But here’s the real question—… pic.twitter.com/OeXyLLz2oQ
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) February 28, 2025
१. मोरक्को के धार्मिक व्यवहार मंत्री अहमद तौफीक ने मोहम्मद सहावे का संदेश वहां की दूरचित्रवाणी (टेलिवीजन) पर पढ कर दिखाया । इसमें उन्होंने कहा कि गत ७ वर्षों से देश में सूखा चल रहा है । इसलिए जानवरों की संख्या में भी भारी मात्रा में कमी आई है । गत १० वर्षों में यह संख्या पूरी ३८ प्रतिशत अल्प हो गई है । इस वर्ष औसत से ५३ प्रतिशत अल्प वर्षा हुई । चरने के लिए उचित चरागाह की मात्रा में प्रचंड रूप में कमी आई है जिससे जानवरों की मृत्यु हो रही है । इसीलिए कुल परिस्थिति को देखते हुए ‘बकरी ईद’ को कुरबानी न देने का आवाहन हम कर रहे हैं ।
२. मोरक्को में मांसाहारी पदार्थोें के मूल्यों ने आसमान छू लिया है । मूल्याें पर नियंत्रण प्राप्त करने हेतु मोरक्को ने आस्ट्रेलिया के साथ करार किया है । इसके अंतर्गत मोरक्को ऑस्ट्रेलिया से पूरे एक लाख जानवरों का आयात करेगा । इसमें बकरियांं, ऊंट तथा भेडिया जैसे प्राणियों का समावेश होगा ।
संपादकीय भूमिका९९.७ प्रतिशत मुसलमान जनसंख्या तथा इस्लाम अधिकृत धर्मवाले मोरक्को द्वारा किया गया आवाहन वहां की जनता निश्चत रूप से स्वीकार करेगी ! प्रश्न यह है कि धर्मनिरपेक्ष भारत में यदि प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसा आवाहन किया, तो यहां के मुसलमान एवं कांग्रेस उसे स्वीकार करेगी ? |