नियमित व्यायाम हेतुएक सर्वोत्तम समय सुनिश्चित करें !

‘जब व्यायाम के लिए समय निकालने की बात आती है, तब हम व्यायाम को अंतिम प्राथमिकता देते हैं तथा उससे हमसे व्यायाम करना रह ही जाता है । किसी भी कार्य के लिए समय सुनिश्चित करने से ‘उसी समयावधि में हमें वह कृति करनी है’, इसका स्मरण रहता है तथा प्रतिदिन उन कृतियों को करने से हम उसके अभ्यस्त हो जाते हैं । कुछ कारणवश बीच में व्यायाम करना एक दिन चूक गया, तो चलता है; परंतु व्यायाम को यथाशीघ्र पुनः आरंभ करना महत्त्वपूर्ण है । ‘निर्धारित समय में अपनेआप ही व्यायाम कैसे होता है ?’, इसका अनुभव कर उसका आनंद लें !’
– कु. वैदेही शिंदे, भौतिकोपचार (फीजियोथेरपी) अध्येता, फोंडा, गोवा. (११.८.२०२४)
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