‘वैश्विक हिन्दू राष्ट्र महोत्सव के लिए सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का संदेश

द्वादश ‘अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन अर्थात ‘वैश्विक हिन्दू राष्ट्र महोत्सव में उपस्थित सर्व हिन्दू राष्ट्र वीरों को मेरा नमस्कार । इस वर्ष हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन की तपपूर्ति (१२ वर्ष) हो रही है। इन अधिवेशनों के माध्यम से निर्मित धर्मनिष्ठ एवं देशभक्तों के संगठन के कारण आज धर्माधिष्ठित हिन्दू राष्ट्र निर्मिति की संकल्पशक्ति के स्पंदन वैश्विक स्तर पर भी प्रतीत हो रहे हैं। हिन्दू राष्ट्र ईश्वर की इच्छानुसार योग्य समय पर स्थापित होनेवाला है । वास्तविक रूप से अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमी पर श्रीराम मूर्ति की प्राणप्रतिष्ठा होकर सूक्ष्म रूप से रामराज्य, अर्थात हिन्दू राष्ट्र प्रारंभ हो चुका है। अब रामराज्यरूपी धर्माधिष्ठित हिन्दू राष्ट्र प्रत्यक्ष साकार होने के लिए स्वक्षमता के अनुसार तन-मन-धन एवं समय आने पर सर्वस्व का त्याग करने अर्थात सर्वोच्च योगदान देने की आवश्यकता है। सर्वस्व का त्याग ही हिन्दू राष्ट्र स्थापना की नींव है, यह ध्यान में रखकर धर्मसंस्थापना का महान कार्य कीजिए !
✍ – (सच्चिदानंद परब्रह्म) डॉ. जयंत आठवले, संस्थापक, सनातन संस्था

सात्त्विकता एवं संगठन ही राष्ट्र के उत्कर्ष की चाबी – जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार
Dhaka Hindu Protest : ढाका में हिन्दुओं ने निकाला विशाल मशाल जुलूस !
छोटे बच्चों को गोमांस देने का परामर्श का प्रकरण !
संपादकीय : नागरिक शास्त्र केवल पुस्तक में ?
केरल में दीपप्रज्वलन का विवाद : राष्ट्रीय व्यक्तित्व की आत्मा संस्कृति है या धर्म ?