Kashmir Terror : कश्मीर घाटी में आतंकवादी ‘मुस्लिम जांबाज फोर्स’ संगठन पुनः सक्रिय
कश्मीर से आतंकवाद समाप्त होने के स्थान पर आतंकवादी संगठनों का पुनः सक्रिय होना अत्यंत लज्जाजनक है ।
कश्मीर से आतंकवाद समाप्त होने के स्थान पर आतंकवादी संगठनों का पुनः सक्रिय होना अत्यंत लज्जाजनक है ।
मोहम्मद कासिम गुज्जर का नाम लंबे समय से भारत की सूची में था । वह प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुडा था तथा भारत में कई आतंकी षड्यंत्रो में सम्मिलित था ।
विश्व को दिगभ्रमित (गुमराह) करने वाले पाकिस्तान का रूप उजागर l
‘ऑपरेशन सिंदूर’ समाप्त नहीं हुआ है, ऐसा भारत सरकार ने कई बार कहा है । पाकिस्तान में इन आतंकवादियों का समूल नाश करने के लिए भारत को यह ऑपरेशन पुनः प्रारंभ करना आवश्यक है !
कश्मीर समस्या का समाधान केवल आतंकवाद एवं जिहाद के माध्यम से ही हो सकता है । हमें जिहाद का ध्वज उठाना होगा, ऐसा भडकाऊ वक्तव्य लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी अबू मूसा कश्मीरी ने दिया । उसका नाम अप्रैल २०२५ में पहलगाम में हुए आतंकवादी आक्रमण से भी जुडा था ।
जो विश्व के लिए एक खुला सच था, उसे मिली यह एक और पुष्टि है । भारत को आतंकवाद नष्ट करने के लिए इस बयान के आधार पर पाकिस्तानी सेना पर आक्रमण कर उसे नष्ट करना आवश्यक है, ऐसा ही हिन्दुओं को लगता है !
हाफिज सईद ने अपने एक निकट के सहयोगी को बांग्लादेश भेजा है, जो वहां युवाओं को प्रशिक्षण दे रहा है ।
पाकिस्तान अभी भी आतंकवाद को बल देने की उसकी पुरानी नीति पर अडिग है तथा भारत को हानि पहुंचाने की उसकी सैन्य नीति आज भी जारी है, ऐसा दावा यहां के राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति विश्लेषक सिद्धांत किशोर ने किया है ।
१५ दिन का आतंकवाद पर प्रशिक्षण पाठ्यक्रम
‘इसमें सम्मिलित होनेवाली महिलाओं को जन्नत (स्वर्ग) मिलेगा’, ऐसा आश्वासन !
ऐसी संस्थाओं पर पाबंदी लगाकर उनके पदाधिकारियों को मृत्युदंड (फांसी) दिया जाना चाहिए।