|

कोलंबो (श्रीलंका) – श्रीलंका ने रिसर्च (शोध) के नाम पर चीन की गुप्तचर नौकाओं पर एक वर्ष के लिए अपने बंदरगाहों पर आने से प्रतिबंधित किया है । शोध के नाम पर चीन अपनी नौका श्रीलंका के बंदरगाह पर खडी करने का प्रयास करता था । भारत की आपत्ति होते हुए भी इससे पूर्व भी दो बार श्रीलंका ने चीन की कथित शोध करनेवाली नौकाओं को बंदरगाहों पर आने की अनुमति दी थी । अब तीसरी बार चीन की नौका आनेवाले ५ जनवरी को श्रीलंका के बंदरगाह पर आनेवाली थी; परंतु उससे पूर्व ही श्रीलंका ने उसको अस्वीकार कर दिया तथा आगामी एक वर्ष के लिए उसको प्रतिबंधित कर दिया है । पिछले वर्ष जुलाई माह में प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे से भेंट की थी । उस समय प्रधानमंत्री मोदी ने उनके समक्ष यह सूत्र उपस्थित किया था ।
BIG NEWS 🚨 Sri Lanka bans Chinese spy & research vessels from entering its ports for one year.
Huge setback for China and Good news for India 🔥🔥
Chinese Scientific Research Vessel Xiang Yang Hong 3 was to conduct deep water exploration in Sri Lankan and Maldivian waters from… pic.twitter.com/9tEdNaxZ8n
— Times Algebra (@TimesAlgebraIND) January 2, 2024
चीन ने मालदीव से भी की है मांग !
चीन ने हिन्द महासागर के मालदीव द्वीपों के देश से भी उनके बंदरगाह पर चीनी नौका खडी करने की अनुमति मांगी है । श्रीलंका ने इसे अस्वीकार कर दिया, तब भी मालदीव ने अभी तक कोई निर्णय लिया नहीं है । कुछ माह पूर्व मालदीव में चीन को समर्थन देनेवाले राष्ट्रपति मुहम्मद मोईज्जू की सरकार आई है । कहा जाता है कि इस कारण चीन को अपनी नौका बंदरगाह पर खडी करने की अनुमति मिल सकती है ।
भारत ‘सेमीकंडक्टर’ बना रहा है, जबकि पाकिस्तान आत्मघाती आतंकवादियों का निर्माण कर रहा है ! – Defence Minister Rajnath Singh
Malda Adinath Mandir : मालदा (बंगाल) का आदिनाथ मंदिर वापस पाने का हिन्दू संगठनों का प्रयास
Bangladesh Terror Attack Threat : ढाका (बांग्लादेश) में जगन्नाथ रथयात्रा में बम विस्फोट करने का प्रयास उजागर
India China Dispute : चीन ने भारत के जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख के क्षेत्रों में अवैध नियंत्रण स्थापित किया है ।
बांग्लादेश में आत्मसमर्पण करते समय लज्जा नहीं आई क्या ? -Maulana Fazlur Rahman
Dharmendra Pradhan Resigned : केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अंततः दिया त्यागपत्र !