
नई देहली – कश्मीर में आतंकवादी कृत्यों के पीछे पाकिस्तान के निवृत्त सैनिकों का हाथ है, यह जानकारी भारतीय सेना के उत्तरी कमांड के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने दी है ।
(सौजन्य : Hindustan Times)
कश्मीर में राजौरी जनपद के बाजीमल भाग में आतंकवादियों से हाल ही में मुठभेड़ हुई थी, जिसमें हमारे २ कैप्टन और ३ सैनिकों को वीरगति मिली थी । मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने अफगानिस्तान में प्रशिक्षित पाकिस्तानी नागरिक और प्रमुख कमांडर क्वारी तथा अन्य १ आतंकवादी को ढेर कर दिया था ।
इस विषय में लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी ने बताया कि हमने जब आक्रमणकारी आतंकियों की पहचान जांचने का प्रयास किया, तब पता चला कि उनमें से कुछ पाकिस्तानी सेना के निवृत्त सैनिक थे । स्थानीय युवक आतंकवादी संगठनों में भर्ती होने के इच्छुक न होने के कारण तथा पाकिस्तानी नागरिकों का, विशेषतः युवकों का समर्थन न मिलने के कारण, पाकिस्तान विदेशी आतंकियों को कश्मीर में भेजने का प्रयास करता रहता है ।
संपादकीय भूमिकाऐसा है तो पाकिस्तान पर सीधे आक्रमण कर उसे नष्ट करना आवश्यक है, अन्यथा ऐसे निवृत्त सैनिक आते रहेंगे और हम उनके हाथों मरते रहेंगे ! कश्मीर में आतंकवाद कभी समूल नष्ट नहीं हो सकेगा ! |
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