सर्वोच्च न्यायालय का केंद्रीय गृह मंत्रालय को आदेश !

नई देहली – सर्वोच्च न्यायालय ने आपराधिक प्रकरणों के विषय में पुलिस द्वारा प्रसार माध्यमों को दी गई जानकारी के नियमों को उचित सिद्ध करने के निर्देश दिए हैं । सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशक इस संबंध में एक माह के अंदर केंद्रीय गृह मंत्रालय को अधिसूचना भेजें । न्यायालय ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देशों को भी ध्यान में रखा जाए ।
‘Police briefing should not result in media trial’: SC directs Home Ministry to frame guidelines regarding police briefing in criminal caseshttps://t.co/nIcTMeKVxi
— OpIndia.com (@OpIndia_com) September 13, 2023
जांच हो रहे प्रकरणों के संदर्भ में प्रसार माध्यमों को जानकारी देने के विषय में पुलिस द्वारा प्रयोग की जा रही पद्धतियों पर प्रविष्ट की गई याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है । इस सुनवाई के समय न्यायालय ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को उपरोक्त निर्देश दिए हैं ।
(सौजन्य : Live Law)
न्यायालय ने कहा है कि पक्षपातपूर्ण वार्तांकन (रिपोर्टिंग) के कारण लोगों में अपराध करनेवाले व्यक्ति को लेकर संदेहास्पद वातावरण बन जाता है । माध्यमों द्वारा दिए गए समाचारों के कारण पीडिता की निजी बातें भी सामने आ जाती हैं ।
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