
मुंबई (महाराष्ट्र), १७ अगस्त (समाचार) – महाराष्ट्र के मंत्रालय में वर्ष १९४७ में भारत का विभाजन होकर पाकिस्तान के गठन के समय हुए भारतीयों के नरसंहार की विभीषिका दर्शाती हुई चित्र-प्रदर्शनी लगाई गई है । केंद्र सरकार ने १४ अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया था । इस पार्श्वभूमि पर मंत्रालय में इस प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है ।
मंत्रालय के भिन्न भिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, साथ ही मंत्रालय में आनेवाले नागरिकों ने प्रदर्शनी देखकर विस्तृत जानकारी प्राप्त की है । भारत के विभाजन के कारण पाकिस्तान गए लगभग ६० लाख गैर-मुस्लिमों को भारत आना पडा । पंजाब, देहली आदि क्षेत्रों के ६५ लाख मुसलमानों को पाकिस्तान जाना पडा । प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदीजी ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि देश के विभाजन का दुःख कभी भूल न पाएंगे । द्वेष एवं हिंसा के कारण लाखों भाई-बहनों को विस्थापित होना पडा तथा प्राणों की आहुति देनी पडी ।
वारकरियों को ‘घुसखोर’ (घुसपैठिया) कहकर अपमानित करने वालों का सार्वजनिक विरोध, एवं हिंदुत्वनिष्ठ संतों का भव्य सम्मान किया जाएगा ! – श्री सुनील घनवट, हिन्दू जनजागृति समिति
९ संतों की धार्मिक समिति गठित : परम पूज्य स्वामी गोविंददेव गिरिजी को अध्यक्ष पद
हमारे पास लाठीमार के लघु चलचित्र देखने का समय नहीं है !
संसद में विपक्ष का हंगामा : दोनों सदनों की कार्यवाही कुछ घंटों के लिए स्थगित
श्री राम मन्दिर में दान की चोरी होना समाज के नैतिक पतन की पराकाष्ठा – न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन, इलाहाबाद उच्च न्यायालय
Hindustan Unilever Compensation : ‘हिन्दुस्तान युनिलिवर लिमिटेड’ प्रतिष्ठान को ग्राहक को क्षतिपूर्ति के रूप में ५० सहस्र रुपए देने का आदेश ।