यूक्रेन युद्ध से रशिया के हथियारों में कमी होने का परिणाम !

नई देेहली – रशिया और यूक्रेन के बीच युद्ध को १वर्ष से अधिक समय हो गया है । इस युद्ध के कारण दोनों देशों के हथियारों में कमी आई है । अमेरिका और यूरोप के देशों द्वारा रशिया पर लगाए अनेक प्रतिबंधों के कारण रशिया को हथियार बनाने में अडचनें आ रही हैं । ऐसी परिस्थिति में रशिया को भारत के ‘ब्रह्मोस मिसाइल’ की आवश्यकता लग रही है, ऐसा विशेषज्ञों का कहना है ।
ब्रह्मोस मिसाइल का उत्पादन करने वाली कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और महाव्यवस्थापक अतुल दिनक राणे का कहना है, ‘इस संबंध में हम रशिया को एक बाजार के रूप में देख रहे हैं । साथ ही रशिया के पास इस से अच्छा दूूसरा पर्याय ही नहीं है ।”
(सौजन्य : TIMES NOW)
१. ‘यूरेशियन टाइम्स’ समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार के अनुसार भारत रशिया को ब्रह्मोस मिसाइल बेचने का विचार कर रहा है । इस कारण दोनों देशों के सैन्यविषयक सहायता कार्य में बदलाव होने वाला है; कारण अभी तक भारत रशिया से हथियार खरीदता आया है और अब रशिया द्वारा भारत से हथियार खरीदने की संभावना है । विशेषता यह है कि ब्रह्मोस मिसाइल भारत और रशिया दोनों ने मिलकर विकसित की है ।
२. कुछ समाचार माध्यमों द्वारा दिए समाचार के अनुसार यदि रशिया ब्रह्मोस पहले ही खरीद लेता, तो वर्तमान स्थिति में यूक्रेन युद्ध में इसका प्रयोग कर सकता था । अतुल राणे के अनुसार वर्तमान में युरोप की स्थिति को देखते हुए लगता है कि रशिया से हमें ब्रह्मोस की मांग मिल सकती है । विशेष रुप से हवा में मार करने वाली ब्रह्मोस मिसाइल की मांग आ सकती है ।
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