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भोपाल (मध्य प्रदेश) – मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार के मंत्रीमंडल ने निर्णय लिया है कि राज्य में स्थित मंदिरों की भूमि की नीलामी अब जनपदाधिकारी नहीं; अपितु मंदिरों के पुजारी कर सकते हैं । इसी के साथ निजी मंदिरों के पुजारियों को मानदेय देने का भी निर्णय लिया गया है । अप्रैल में मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस संबंध में घोषणा की थी । तदुपरांत, अब उस पर निर्णय लिया गया है ।
(सौजन्य : TV9 Bharatvarsh)
सरकार द्वारा लिए निर्णय के अनुसार मंदिरों की १० एकड तक की कृषियोग्य भूमि पुजारियों की आय का साधन होगी । इसके अतिरिक्त भूमि की नीलामी की जाएगी । इससे जो धन प्राप्त होगा, वह मंदिरों के बैंक खाते में जमा किया जाएगा । मंदिरों की भूमि अतिक्रमण मुक्त करने हेतु यह निर्णय लिया गया है । वर्तमान स्थिति में राज्य के जिन मंदिरों के पास कृषियोग्य भूमि नहीं है, उन मंदिरों के पुजारियों को सरकार द्वारा ५ सहस्र रुपए मानदेय दिया जा रहा है । साथ ही जिनके पास ५ एकड कृषियोग्य भूमि है, उन मंदिरों के पुजारियों को ढाई सहस्र रुपए का मानदेय दिया जाएगा ।
संपादकीय भूमिकामध्य प्रदेश की भाजपा सरकार का अभिनंदनीय निर्णय ! |
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