
नई देहली – भारत को चीन से व्यापारिक क्षेत्र की ईमानदारी सीखने की आवश्यकता है । वर्ष १९४० तक भारत और चीन की अर्थव्यवस्था लगभग समान थी; लेकिन इसके उपरांत चीन का विकास तेजी से हुआ और उसकी अर्थव्यवस्था आज भारत से ६ गुना है । इसके पीछे का कारण चीन की ईमानदारी से काम करने की संस्कृति है, ऐसा मत ‘इन्फोसिस’ कंपनी के सहसंस्थापक एन.आर.नारायणमूर्ति ने व्यक्त किया है । उन्होंने यह भी कहा कि, ‘मेरे इस मत के कारण मुझे देशद्रोही न कहें’ । विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘एशिया इकोनोमिक डायलॉग’ इस कार्यक्रम को वे संबोधित कर रहे थे ।
Narayana Murthy Says India Needs Culture Of Honesty, No Favouritismhttps://t.co/OWf0rwNMoR
— Business Today (@business_today) February 24, 2023
नाराणमूर्ति ने आगे कहा कि-
१. हमे त्वरित निर्णय लेने की, त्वरित कार्यवाही करने की, साथ ही किसी भी समस्या के बिना लेन-देन में ईमानदारी और पक्षपात न करने की संस्कृति निर्माण करने की आवश्यकता है ।
२. देश का एक छोटा सा वर्ग कठोर परिश्रम करता है और अत्यधिक लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आकांक्षा पूर्ण करने के लिए आवश्यक, ऐसी संस्कृति आत्मसात नहीं की ।
३. चीन में भ्रष्टाचार कम और ईमानदार लोग अधिक हैं । व्यवसायियों को केवल भारत में ही रहना चाहिए और भारत में सब कुछ करना चाहिए, ऐसा लगता होगा, तो व्यवसाय के संदर्भ में निर्णय जल्द लेने चाहिएं ।
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