
नई देहली – नैशनल लॉ विश्वविद्यालय के ‘प्रोजेक्ट ३९ ए’ अंतर्गत ‘डेथ पेनाल्टी इन इंडिया, एन्यूअल स्टैटिस्टिक्स रिपोर्ट २०२२’ नामक रिपोर्ट तैयारी की गई है । इस अनुसार देश के सत्र न्यायालयों ने वर्ष २०२२ में १६५ दोषियों को विविध अभियोगों में फांसी का दंड सुनाया है । गत २० वर्षों में दी गईं फांसी के दंड की तुलना में यही संख्या अधिक है । इन १६५ में से ३ लोगों को बलात्कार के प्रकरण में फांसी का दंड सुनाया गया है ।
Death Sentence: 20 साल में पहली बार सुनाई गई सबसे अधिक मौत की सजा, UP रहा टॉप पर #UttarPradesh #DeathSentencehttps://t.co/Gz4hH9jOF2
— Times Now Navbharat (@TNNavbharat) January 31, 2023
वर्ष २०२१ में सत्र न्यायालय ने १४६ लोगों को फांसी का दंड सुनाया था । इनमें से बमविस्फोट के एक अभियोग में ३८ लोगों को फांसी हुई थी ।
संपादकीय भूमिकातब भी भारत में अपराधिक गतिविधियां अल्प होने के स्थान पर बढती ही जा रही हैं, यह सब कब रुकेगा ? |
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