
मुंबई – विश्व हिन्दू परिषद ने बीते ५ वर्षों में देश में हुए ‘लव जिहाद’ के आंकडे (अंक)घोषित किए हैं । इसके अनुसार वर्ष २०१८ से २०२२ इन ५ वर्षाें में पुलिस थाने में प्रविष्ट हुए लव जिहाद के ४०० प्रकरण सामने आए हैं । इन अंकोंके अनुसार सर्वाधिक १०५ प्रकरण उत्तर प्रदेश में हुए हैं । उसके पश्चात मध्य प्रदेश में ३०, हरियाणा एवं केरल राज्य में १३, देहली में १२ महाराष्ट्र में ९, बिहार में ‘लव जिहाद’ के ४ प्रकरण हुए हैं । पुलिस थाने में परिवाद प्रविष्ट होने के कारण ये आंकडे मिले हैं, किंतु जो प्रकरण पुलिस थाना तक नहीं पहुंच पाते हैं, उनकी संख्या इससे भी अधिक होने की संभावना है ।
#देशात ‘#लव्ह_जिहाद’चा उच्छाद; ५ वर्षांत ४०० प्रकरणे; देशपातळीवर #धर्मांतरविरोधी कायदा होण्याची गरज
https://t.co/ZVql6a1PfF@VHPDigital @HMOIndia#vishwahinduparishad #law #LoveJihad #NewsUpdate— Hindusthan Post Marathi (@HindusthanPostM) January 7, 2023
संपादकीय भूमिकावर्तमान में देश के ५ राज्य में लव जिहाद के कारण धर्मांतरण के विरुद्ध कानून व्यवस्था है । इस तरह का कानून संपूर्ण देश के लिए आवश्यक है । केवल कानून ही नहीं, अपितु उसमें कठोर दंड का प्रावधान भी होना चाहिए । इससे हिन्दू युवती ‘लव जिहाद’ की बलि नहीं चढ पाएगी, इसके लिए उसे धर्म शिक्षा देकर धर्माचरण करने के लिए सिद्ध करना आवश्यक है ! |
राजस्थान के कारागृह में आजीवन कारावास का दंड भुगत रहे २ बंदियों का २२ जुलाई को विवाह होगा
CM Dr. Mohan Yadav : प्रभु श्रीरामचंद्रजी ने एक विवाह किया, तो रहीम से भी वही अपेक्षा !
Dabur : ‘डाबर’ प्रतिष्ठान के पैकेटबंद मौसमी जूस में काला फफूंद मिला ।
Karnataka AI University : बेंगलुरु में देश का पहला सरकारी ‘एआई’ विश्वविद्यालय प्रारम्भ किया जाएगा ।
हिन्दु विवाह अधिनियम के अनुसार विवाह को वैध ठहराने के लिए केवल विवाह प्रमाणपत्र होना पर्याप्त नहीं है ।– Gujrat High Court
जम्मू न्यायालय ने पुलिस से अभिलेख की मांग की ।