
वाराणसी (उ.प्र.) – यहां के नटवां गांव में १८ दिसंबर को हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा हिन्दू राष्ट्र-जागृति सभा आयोजित की गई । सनातन संस्था की श्रीमती प्राची जुवेकर ने धर्माचरण के विषय में कहा, ‘‘अपने धर्माचरण को भुलाकर पश्चिमी देशों के अंधानुकरण के कारण हमें हैलो बोलना, हाथ मिलाना अपना लगने लगा है औरर नमस्कार बोलना तथा चंदन लगाना पराया लगने लगा है । हम सनातनी होते हुए भी पूर्णतः मैकाले के मानस पुत्र बन गए हैं । हमें अपने सनातनी जडों की ओर वापस जाना होगा, अन्यथा आनेवाली पीढियां अपने जडों से कटकर दिशाहीन हो जाएगी ।’’
हिन्दू जनजागृति समिति के वाराणसी समन्वयक श्री. राजन केशरी ने ‘हिन्दू राष्ट्र की आवश्यकता क्यों है ?’ विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा, ‘‘आज भूमंडल में एक भी हिन्दू राष्ट्र नहीं है; जबकि सबसे प्राचीन धर्म हिन्दू धर्म है । सबसे व्यापक विश्वकल्याण की कामना करनेवाला हिन्दू धर्म है; फिर भी हिन्दू राष्ट्र का नाम आते ही अनेक लोगों को कष्ट होने लगता है और उन्हें लगता है कि हिन्दू राष्ट्र की मांग करना असंवैधानिक है । समय आ गया है कि हम सभी को संगठित होकर हिन्दू राष्ट्र की मांग करनी चाहिए ।’’
क्षणिकाएं
१. गृह निर्माण के कार्य में ठेकेदारी करनेवाले श्री. राजकुमार पटेल अपने कार्य को बंद रखकर सभी कर्मचारियों को सभा में लाए ।
२. सभा में भाग लेने आए खरगपुर ग्रामवासी श्री. संतोष तिवारी सभा की प्रशंसा करते हुए कहा कि जागृति के लिए इसी प्रकार से हिन्दू राष्ट्र-जागृति सभा होनी चाहिए । उन्होंने अपने यहां जागृति के लिए इसी प्रकार की सभा का आयोजन करने की इच्छा दर्शाई ।
आषाढी वारी में श्रद्धालुओं को असुविधा नहीं होगी, इसकी चिंता करें – देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री
‘एन.सी.ई.आर.टी.’ की पाठ्यपुस्तक में मराठा साम्राज्य का इतिहास पुनः सम्मिलित करने के लिए केंद्र सरकार से विचार विमर्श निरंतर हो रहा – दादा भुसे, स्कूली शिक्षा मंत्री आवश्यक सामग्री केंद्र शासन को प्रस्तुत ।
NCERT Introduces Emergency : ‘एन.सी.ई.आर.टी.’ की कक्षा ९वीं की पुस्तक में आपातकाल (इमरजेंन्सी) की जानकारी समाहित
‘लव जिहाद’ के अंतर्राष्ट्रीय षड्यंत्र के प्रकरण में १४ लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र प्रस्तुत !
धर्म छिपाकर विवाह करने से भले ही वह अवैध ठहरा, फिर भी पीडिता को गुजारा भत्ता (पोटगी) पाने का अधिकार ! – Madhya Pradesh High Court
मुंबई लोकल रेलगाडियों में चल रहे धर्मांतरण एवं पाखंड का गुप्त संकट रोकने के लिए विशेष नियमावली तैयार करेंगे।