‘रॉ’ प्रमुख ने की राष्ट्रपति विक्रमसिंघे से भेट

कोलंबो (श्रीलंका) – जासूसी करने वाला चीन का जहाज ‘युगान वांग-५’ यह अगस्त माह में श्रीलंका के त्रिनकोमाली बंदरगाह पर कुछ दिन रुका था । इस संबंध में भारत ने श्रीलंका के समक्ष आपत्ति प्रविष्ट की थी । इस जहाज के श्रीलंका में आने से लेकर अब तक भारत की गुप्तचर संस्था ‘रॉ’ वहां की स्थिति पर ध्यान रखे हुए है । हाल ही में ‘रॉ’ प्रमुख सुमंतकुमार गोयल श्रीलंका गए थे । उन्होंने श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे और श्रीलंका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सागला रत्नायके से भेंट कर इस संबंध में चर्चा की । इस चर्चा की जानकारी उजागर नहीं हुई है ।
सूत्रों द्वारा दी जानकारी के अनुसार चीन का जहाज श्रीलंका में आने के पहले भारत ने श्रीलंका को कुछ कागजपत्र प्रस्तुत किए थे । जिसमें लिखा गया था कि चीनी जहाज भारत की सुरक्षा संबंधित जानकारी की जासूसी करने के लिए ही श्रीलंका में आ रहा है । तो भी श्रीलंका ने चीन के दबाव के चलते जहाज को उसके बंदरगाह पर आने की अनुमति दी थी ।
संपादकीय भूमिकाश्रीलंका को कर्ज देकर चीन ने उसे अपनी ओर मोड लिया है । इस कारण चीन जैसा बताएगा, श्रीलंका उसी प्रकार बर्ताव करेगा । यह ध्यान में लेकर भारत को श्रीलंका से चर्चा करने की अपेक्षा चीन के विरोध में आक्रामक नीति अपनाना आवश्यक ! |
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