२ वर्षों से चल रही थीं धर्म परिवर्तन की गुप्त कार्यवाहियां !

मेरठ (उत्तर प्रदेश) – उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में मंगतापुरम में सहायता करने के बहाने बलपूर्वक ४०० से अधिक निर्धन हिन्दुओं का ईसाइ पंथ में धर्म परिवर्तन करने की घटना सामने आई है । पिछले २ वर्षों से धर्म परिवर्तन की कार्यवाहियां चल रही थीं । इस धर्म परिवर्तन के लिए पुलिस की लापरवाही ही दिखाई दे रही है ।
Mass conversion racket busted in Meerut: Christian evangelists lure 400 Hindus to convert, remove idols and threaten against performing pujahttps://t.co/Iuoqg6JxQP
— OpIndia.com (@OpIndia_com) October 29, 2022
इस प्रकरण में पुलिसकर्मियों ने कहा कि
१. अनुमानत: २० वर्ष पूर्व बारांबकी के १० लोग मंगतापुरम आए एवं खुले स्थान में झुग्गियां बनाकर रहने लगे । अब उनकी संख्या ४०० से अधिक हो गई है ।
२. कोरोना महामारी की कालावधि में जब भुखमरी का समय आया, तब देहली के पादरी महेश उन्हें सहायता करने के बहाने वहां पहुंचे । उन्होंने अन्य ख्रिस्तियों की सहायता से वहां के लोगों के खाने-पीने की व्यवस्था कर उनकी सहायता की ।
३. पादरी महेश ने कुछ लोगों को विश्वास में लेकर झुग्गियों में रहनेवाले लोगों को ईसाइ पंथ स्वीकारने हेतु प्रेरित किया । इसलिए यहां के ४०० लोगों ने धर्म परिवर्तन किया तथा वे चर्च जाने लगे । पादरी ने यहां के ईसाइ समाज के युवकों से धर्म परिवर्तित लोगों की लडकियाें के विवाह भी करवा दिए ।
४. इसके उपरांत ईसाइ धर्म से संबंधित लोगों ने इन लोगों पर हिन्दू धर्म के अनुसार पूजा न करने का दबाव डाला । ‘आप ईसाइ हो गए हो, आप अब हिन्दू देवताओं की पूजा नहीं कर सकते’, ऐसा कहते हुए देवताओं की मूर्तियां हटाने हेतु उन पर दबाव डाला ।
५. पादरी महेश के नौकर अनिल ने उसके कुछ सहयोगियों की सहायता से दीपावली के अवसर पर लोगों के घरों से देवताओं के छायाचित्रों को हटा कर उन्हें फाड डाला । इस अवसर पर चैंपियन नामक युवक ने धर्म परिवर्तन का विरोध किया । ईसाइयाों के छल से त्रस्त होकर लोगों ने पुलिस में परिवाद प्रविष्ट किया ।
६. इस धर्म परिवर्तन की घटना का समाचार ज्ञात होते ही बजरंग दल के दिलीप सिंह तथा सचिन सिरोही वहां पहुंचे एवं वहां के ईसाइ पंथ से संबंधित पुस्तकें तथा आर्थिक सहायता प्राप्त लोगों की सूची पुलिस को सौंपी ।
७. इस परिवाद के आधार पर पुलिस ने अन्वेषण आरंभ किया । इस प्रकरण में अब तक ५ लोगों को नियंत्रण में लिया गया है, पुलिसकर्मियों ने ऐसा कहा ।
संपादकीय भूमिका
|
Dabur : ‘डाबर’ प्रतिष्ठान के पैकेटबंद मौसमी जूस में काला फफूंद मिला ।
Karnataka AI University : बेंगलुरु में देश का पहला सरकारी ‘एआई’ विश्वविद्यालय प्रारम्भ किया जाएगा ।
हिन्दु विवाह अधिनियम के अनुसार विवाह को वैध ठहराने के लिए केवल विवाह प्रमाणपत्र होना पर्याप्त नहीं है ।– Gujrat High Court
जम्मू न्यायालय ने पुलिस से अभिलेख की मांग की ।
हडपसर में हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता की साहिल शेख एवं उसके गुंडों द्वारा नृशंसता से पिटाई !
Three Language Policy : क्या अंग्रेजी को भारत की ही स्थानीय भाषा माना जा सकता है – सर्वोच्च न्यायालय का प्रश्न