
नई दिल्ली – पाकिस्तान की गुप्तचर संस्था आई.एस.आई. गत कुछ वर्षों से भारतीय सैनिकों को महिलाओं के माध्यम से फंसाने का प्रयत्न कर रही है। कई घटनाओं के माध्यम से यह उजागर हुआ है कि वह इसमें सफल भी रही है। कहा जाता है कि आई.एस.आई. ने इस उद्देश्य के लिए १० महिला टुकडियां बनाई हैं। इनमें ५० से अधिक युवतियां होती हैं। इन युवतियों को भारतीय जवानों को फंसाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसे लेकर भारतीय गुप्तचर संस्थाऒ ने जवानों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। सामान्य माध्यमऒ पर अपरिचित व्यक्ति का ´मित्र निमंत्रण´ स्वीकार न करने का परामर्श दिया है।
पाक का ऑपरेशन हनी ट्रैप फेल, ऐसे खेला जाता है जवानों के साथ ब्लैकमेलिंग का खेल पाकिस्तान का ऑपरेशन हनी ट्रैप विफल https://t.co/ID5OXTj0nL
— tezz khabren (@tezzkhabren) September 1, 2022
भारतीय सेना के एक वरिष्ठ गुप्तचर अधिकारी के अनुसार इन युवतियों को पाकिस्तानी सेना की गुप्तचर पलटन ४१२ हैदराबाद, पाकिस्तान द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्हें हिंदी और अंग्रेजी बोलना सिखाया जाता है । उनके लक्ष्य पर राजस्थान और गुजरात सीमा पर सैन्य ठिकानों पर तैनात भारतीय सेना के जवान हैं । पाकिस्तान की ये महिलाएं पाकिस्तानी सेना में ब्रिगेडियर और कैप्टन के पद पर कार्यरत हैं ।
भारतीय सैनिकों को कैसे जाल में घसीटा जाता है ?
प्रशिक्षण के उपरांत इन युवतियों को एक उपाहारगृह के कमरों में रखा जाता है । इन लड़कियों को रिया, खुशी, कल्पना, नीतू, गीतू, अवनि, मुस्कान, हरलीन जैसे हिंदू नाम भी दिए जाते हैं । वहां से वे भारतीय सैनिकों के संपर्क से करतीं हैं ।
ये युवतीयां प्रथमतः नकली परिचय के साथ सामाजिक माध्यम पर खाता खोलती हैं एवं भारतीय सैनिकों को ´मित्र आमंत्रण ´ भेजती हैं । नकली खातों में हिंदू देवी-देवताओं की चित्र होते हैं। प्रति दिन ५० सैनिकों को ये ´मित्र आमंत्रण´ भेजती हैं। जवान द्वारा अनुरोध को स्वीकार करने के उपरांत वे उनसे कामुक बातें भी करतीं हैं । कभी-कभी विवाह का वचन भी देती हैं । दोनों के बीच संवाद सुरक्षित रखा जाता है । कालांतर में उसी के आधार पर संबंधित जवान का भयादोहन (ब्लॅकमेल) किया जाता है तथा उससे भारतीय सेना की गोपनीय जानकारी प्राप्त की जाती है। यदि जानकारी नहीं देता है, तो उसका संवाद उजागर कर उसे अडचन में लाने की धमकी दी जाती है।
संपादकीय भूमिकापाकिस्तान रणनीति में भारत से अधिक चतुर है ! |
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