
बेंगलुरू (कर्नाटक) – यहां ५६ वर्ष के निंगाराजू एन. को भूल से बंदी बनाए जाने के संदर्भ में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को उन्हें ५ लाख रुपए की क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया । वर्ष २०११ में जिस राजू एन.जी.एन. के विरुद्ध अपराध प्रविष्ट किया गया था, वह यह व्यक्ति नहीं था ।
न्यायालय ने बताया कि जिसके विरोध में बंदी का प्रस्ताव निकाला गया है, वह सही व्यक्ति है कि नहीं, इसकी निश्चिती करने से पूर्व ही उसे बंदी बनाना आश्चर्यजनक है । ऐसे निरपराध व्यक्ति को पहचान के विना ही बंदी बनाया गया ।
संपादकीय भूमिका
|
(और इनकी सुनिए…) “हिन्दी तथा उर्दू भारत की भाषाएं हैं, जबकि संस्कृत बाहर से आई है ।” – Congress MP Mohammad Javed
Nagpur Police : यातायात पुलिस को बंदूक रखना अनिवार्य !
(और इनकी सुनिए…) ‘मैं सोनम वांगचुक से ‘थ्री इडियट्स’ चलचित्र से पूर्व मिला ही नहीं था !’ – Amir Khan
Badrinath Temple Arrest : बद्रीनाथ मंदिर में दान चोरी के प्रकरण में मंदिर के भूतपूर्व अधिकारी बंदी बनाए गए
Karnataka Fake Currency Racket : गिरोह द्वारा भारतीय नकली नोट छापे जाने का प्रकरण उजागर !
Ghaziabad Shahnawaz Murders : छेडछाड का विरोध करनेवाली नाबालिग हिन्दू लडकी को शाहनवाज ने चौथी मंजिल से नीचे फेंका : लडकी की मृत्यु