अग्निपथ योजना के विरुद्ध हुई हिंसा से रेल की ७०० करोड़ रुपयों की हानी

 

नई दिल्ली – केंद्र सरकार की ‘अग्निपथ’ योजना के विरुद्ध पिछले पांच दिनों से हिंसक आंदोलन चल रहा है। इसमें आगजनी और तोड़फोड़ की जा रही है। सार्वजनिक और निजी संपत्ति की भारी हानि हुई है। सबसे अधिक हानि रेल प्रशासन की हुई है। लगभग ७०० करोड़ रुपयों की हानी होने का अनुमान है । रेल के ६० डिब्बों और ११ इंजनों में आग लगा दी गई। इस हिंसा के परिणामस्वरूप, ३५० से अधिक रेलगाड़ियां रहित करनी पड़ीं । रेलवे स्टेशन पर तोड़फोड़ की गई। विक्रमशिला एक्सप्रेस में लूटमार की गई।

संपादकीय भूमिका

केवल रेल प्रशासन की ही इतनी हानि हुई है, तो अन्य सार्वजनिक संपत्ति की कितनी हानि हुई होगी इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते । जो लोग इस हानि के लिए उत्तरदायी हैं उन्हें बंदी बनाना चाहिए और उनसे हानि की भरपाई हेतु उनकी सारी संपत्ति को जब्त कर लिया जाना चाहिए, तभी दूसरों पर अंकुश लगेगा !