हिजाब के प्रकरण में कर्नाटक सरकार का उच्च न्यायालय से प्रश्न

बेंगलुरू (कर्नाटक) – कर्नाटक सरकार ने हिजाब प्रकरण की सुनवाई के समय कर्नाटक उच्च न्यायालय से यह प्रश्न करते हुए कहा कि केरल के शबरीमला मंदिर में १० से ५० आयुसमूह की महिलाओं के प्रवेश के प्रकरण में दिए गए निर्णय ने सर्वाेच्च न्यायालय ने संवैधानिक नैतिकता की और व्यक्ति के सम्मान की कसौटी स्पष्ट कर दी है । क्या इन कसौटियों पर हिजाब (मुसलमान महिलाओं का सिर और गर्दन ढकने के लिए वस्त्र) पहने की प्रथा खरी उतरती है ?, यह देखना होगा ।
कर्नाटक के महाधिवक्ता ने तर्कवाद करते हुए कहा, ‘कर्नाटक सरकार के ५ फरवरी के रोक के आदेश के कारण संविधान के अनुच्छेद २५ का, साथ ही अनुच्छेद १९ (अ) का उल्लंघन नहीं हुआ है । राज्य सरकार का यह आदेश कानून के अनुसार ही है और उसमें आपत्ति जताने जैसा कुछ भी नहीं है ।’ इस अनुच्छेद के द्वारा नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता दी गई है ।
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NCERT : पुस्तक में वैदिक काल में महिलाओं को सम्मान प्राप्त होने वाले मनु-स्मृति के एक श्लोक का उल्लेख किया गया है ।
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