
आजके बच्चे कलके आदर्श भारतके शिल्पकार हैं ! पश्चिमके अन्धानुकरण एवं ‘टीवी’के अतिरेकसे भटक रही आजकी पीढीको सुसंस्कारी एवं आदर्श बनानेका मार्ग है ग्रन्थमाला ‘बालसंस्कार’ !
ग्रन्थमाला बालसंस्कार के सभी ग्रन्थ
- सुसंस्कार एवं उत्तम व्यवहार
- बोधकथा
- स्वभावदोष दूर कर आनन्दी बनें !
- गुण बढाकर आदर्श बनें !
- राष्ट्र एवं धर्म प्रेमी बनो !
- अध्ययन कैसे करें ?
- टीवी, मोबाइल एवं इंटरनेट की हानिसे बचें और लाभ उठाएं !
सुसंस्कारी एवं आदर्श पीढी का निर्माण करनेवाला जालस्थल : Balsanskar.com
अभिभावक, शिक्षक एवं बच्चे, सभी के लिए उपयुक्त !
सनातन की ग्रंथसंपदा अब SanatanShop.com पर उपलब्ध !
संपर्क : (0832) 2312664
- अध्ययनकी उचित पद्धति
- प्रेरक कथाएं
- स्तोत्र एवं आरती
- तीर्थक्षेत्र, दुर्ग-किले, हिन्दुओंके गौरवशाली इतिहास आदि विविध स्तम्भ
- हिन्दी, मराठी, कन्नड एवं अंग्रेजी भाषामें
- अंग्रेजीमें ‘एण्ड्रॉइड’पर भी
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?