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बेंगलुरू – हाल ही में कर्नाटक की भाजपा सरकार ने कर्नाटक में संस्कृत विश्वविद्यालय बनाने के लिए १०० एकर भूमि देना पारित किया । उसके उपरांत कांग्रेस, जिहादी आतंकी संगठन पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया और कर्नाटक के आधुनिकतावादियों ने राज्य सरकार के इस निर्णय का विरोध करना आरंभ किया है । रामनगर जनपद के मामगडी तहसील में यह संस्कृत विश्वविद्यालय बनाया जानेवाला है । मामगडी शहर का ऐतिहासिक महत्त्व है । बेंगलुरू शहर की स्थापना करनेवाले राजा केंपेगौडा का यह जन्मस्थान है । केंपेगौडा ने मामगडी शहर में ऐतिहासिक कालभैरेश्वर मंदिर और रंगनाथस्वामी मंदिर का निर्माण किया था ।
‘Useless’: Congress leader opposes construction of Sanskrit University in Karnataka, Islamists and regionalists join inhttps://t.co/BRv698B5Yg
— OpIndia.com (@OpIndia_com) January 16, 2022
(कहते हैं) ‘संस्कृत की शिक्षा देकर कन्नड भाषी बच्चों को धर्मांध बनाने की योजना ! – ए.एन्. नटराजा गौडा, प्रवक्ता, कांग्रेस
Karnataka Congress leader opposes construction of Sanskrit University; calls it 'useless' https://t.co/nEAOOtvSY9
— Republic (@republic) January 17, 2022

कर्नाटक कांग्रेस के प्रवक्ता ए.एन्. नटराजा गौडा ने ‘कन्नड भाषी बच्चों को संस्कृत की शिक्षा देकर उन्हें धर्मांध बनाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है । (क्या नटराजा गौडा संस्कृत सीखकर कितने लोग धर्मांध बने, इसका आंकडा प्रस्तुत करेंगे ? संस्कृत का इतना द्वेष करनेवाले गौडा का जितना धिक्कार किया जाए, उतना अल्प ही है ! – संपादक) कर्नाटक सरकार रामनगर तहसील को पर्यटनस्थल के रूप में विकसित करने के स्थान पर वहां एक बेकार संस्कृत विश्वविद्यालय बनाने का प्रयास कर रही है’, ऐसा ट्वीट किया है ।
ट्वीटर पर संस्कृत के विरुद्ध दुष्प्रचार !
कांग्रेस के इस विरोध के कारण वहां पुनः हिन्दीविरोधी वातावरण गर्म हो रहा है । वहां के हिन्दीविरोधी लोगों का यह कहना है कि ‘इसके द्वारा यहां के कन्नड भाषी लोगों पर हिन्दी भाषा थोप देने का यह षड्यंत्र है । सामाजिक माध्यमों पर इस संस्कृत महाविद्यालय का विरोध होने लगा । इसके लिए ट्वीटर पर ‘#SayNotoSanskrit’ हैशटैग ट्रेंड (ट्वीटर पर कराई जानेवाली चर्चा) किया गया, साथ ही ‘#StopHindiImposition’ हैशटैग भी ट्रेंड किया गया ।
(कहते हैं) ‘कर्नाटक में विदेशी भाषाओं को स्थान नहीं दिया जाएगा ! ’ – पी.एफ्.आई.

पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पी.एफ्.आई.) के कर्नाटक प्रमुख यासीर हुसैन ने बसवण्णा की (लिंगायत पंथ की स्थापना करनेवाले श्री महात्मा बसवेश्वर को कर्नाटक में ‘बसवण्णा’ कहा जाता है । उनका जन्म कर्नाटक में हुआ था ।) भूमि में विदेशी भाषाओं को स्थान नहीं दिया जाएगा । (यदि ऐसा है, तो हुसैन को यह भी बताना चाहिए कि उर्दू भाषा भी कर्नाटक के लिए ‘विदेशी’ भाषा ही है ! – संपादक) ‘कन्नड भाषियों को उन पर संस्कृत और हिन्दी भाषा थोपनेवाले इस निर्णय का विरोध करना चाहिए । हमारे पूर्वजों ने कन्नड भाषा के साथ यहां की परंपरा का भी जतन किया है । (कर्नाटक में जो परंपरा संजोई गई, वह वहां के अधिकांश हिन्दुओं के पूर्वजों ने हिन्दू धर्म के लिए जो त्याग कर जो बलिदान दिया, उसके कारण ! उसका श्रेय किसी आतंकी संगठना के सदस्य को नहीं लेना चाहिए ! – संपादक)
कर्नाटक में वर्ष २०१० से संस्कृत विश्वविद्यालय चल रहा है; परंतु धनराशि के अभाव में उसका स्वतंत्र अस्तित्व नहीं था । यह विश्वविद्यालय एक इमारत में आरंभ किया गया था । राज्य में भाजपा की सरकार सत्ता में आने के उपरांत इस विश्वविद्यालय के लिए मुगडी शहर में १०० एकर भूमि आवंटित की गई । इस विश्वविद्यालय के निर्माणकार्य के लिए ३२० करोड रूपए खर्च किए जाने हैं । ३ जनवरी २०२२ को इस विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी गई ।
देवता, भारतमाता तथा राजनीतिक बलिदानी के नाम पर शपथ नहीं ली जा सकती । – Kerala High Court
पासपोर्ट (Passport) से नागरिकता सिद्ध नहीं होती : Central Goverment
मुंबई लोकल रेलगाडियों में चल रहे धर्मांतरण एवं पाखंड का गुप्त संकट रोकने के लिए विशेष नियमावली तैयार करेंगे।
Suhail Arrested : श्रीराम मंदिर को बम से उडाने का षड्यंत्र रचने वाले सुहेल को कर्नाटक से बंदी बनाया गया
नियमों का उल्लंघन करने वाले भोजनालय, रेस्टोरेंट तथा ढाबों के मालिकों को बख्शा नहीं जाएगा ! – Commissioner Tukaram Mundhe
( और इनकी सुने …) ‘क्या सरकार अब भा.ज.पा. की ही भूमिका अपना रही है ?’ – Udhayanidhi Stalin