मुसलमानों के मतदान का अधिकार छीन लेने की भी मांग !

संभल (उत्तर प्रदेश) – जुना अखाडे के महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि ने यह वक्तव्य देते हुए कहा है कि, “भारत में रहनवाले मुसलमानों में भारतीय संस्कृति और भारत की सरकार के प्रति द्वेष है । ये लोग यहां की सभी सुविधाओं का उपभोग करते हैं और भारतीय संस्कृति एवं सरकार को गालियां देते हैं । यदि वे भारतीय संस्कृति को मानने के लिए तैयार न हो, तो उन्हें भारतीय नागरिक के रूप में रहने का अधिकार नहीं है । इसलिए, उन्हें दिया गया मतदान का अधिकार छीन लेना चाहिए और उन्हें दूसरी श्रेणी का नागरिक बनाया जाना चाहिए । यदि उन्हें भारत में ही रहना है, तो उन्हें शरणार्थियों के रूप में रहना होगा ।” यहां भाजपा के नेता कपिल सिंघल के घर पर वो पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे । उन्होंने यह भी कहा कि, “जब भारत का विभाजन हुआ, तब मुसलमानों को पाकिस्तान दिया गया था ; इसलिए, मुसलमानों का भारत में रहने का कोई औचित्य नहीं है । अतः उन्हें पाकिस्तान जाना चाहिए ।”
‘वोटिंग राइट छीन मुस्लिमों को दोयम दर्जे का नागरिक बना देना चाहिए’: महामंडलेश्वर यतींद्रानंद ने कहा- भारत में रहना है तो शरणार्थी बन रहें#YatindranandGiri #Muslimshttps://t.co/3d6xuKfkHw
— ऑपइंडिया (@OpIndia_in) November 28, 2021
यतींद्रानंद गिरी ने आगे कहा कि, “भारत का विभाजन भौगोलिक और इतिहास के आधार पर नहीं, अपितु धर्म के आधार पर किया गया है । यहां ‘हिन्दू-मुसलमान भाई-भाई हैं’, ऐसा कहा जाता है ; परंतु, उनकी संस्कृतियां एक-दूसरे से मेल नहीं खातीं । इसलिए, वे कभी भी भाई-भाई नहीं बन सकते ।”
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