भारत की मांग अवास्तविक होने की चीन की भूमिका
भारत की भूमि में घुसपैठ करना और भारत को ही सुनाना, चीन की इस दादागीरी को भारत ने जैसे को तैसा उत्तर देने की आवश्यकता है ! – संपादक

नई दिल्ली – भारत और चीन की सेना में लद्दाख में अपने अपने सैनिक पीछे लेने के विषय में १० अक्टूबर के दिन हुई बैठक में चीन ने सेना पीछे लेने के प्रस्ताव को नकार दिया । चीन सरकार का मुखपत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने इस विषय में चीन सेना के हवाले से कहा है कि, भारत ने अवास्तविक मांगों पर जोर दिया था ।
भारतीय सेना ने निवेदन में कहा है कि, बैठक में भारत के शेष क्षेत्रों के मामला हल करने के लिए आवश्यक सूचना की गई; लेकिन चीन ने इस पर सहमति नहीं दिखाई । साथ ही चीन कोई भी दूरगामी प्रस्ताव भी नहीं दे सका । इस कारण बैठक में शेष क्षेत्रों पर चर्चा नहीं हो सकी । दोनों ओर से बातचीत और स्थिरता रखने के लिए सहमति दिखाई गई । निवेदन में आगे कहा है कि, चीन द्विपक्षीय संबंधों के कुल दृष्टिकोण पर विचार करेगा और द्विपक्षीय समझौता और शिष्टाचार का पूर्ण पालन कर शेष समस्याओं का जल्द निराकरण करने की दिशा में काम करेगा, ऐसी हमारी अपेक्षा है । (चीन की ओर से ऐसी अपेक्षा करना हास्यास्पद है ! – संपादक)
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