धर्मांतरण का संकट जानते हुए क्या केंद्र सरकार अभी तो धर्मांतरण विरोधी कानून लागू करेगी ? – संपादक

नई देहली – राज्य के अधिकांश मुसलमान धर्मांतरित हैं । उनके पूर्वज हिन्दू थे एवं वे गोमांस नहीं खाते थे, ऐसा प्रतिपादन ‘इंडिया टुडे कॉन्क्लेव’ में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने किया ।
‘इंडिया टुडे’ समाचार माध्यम की ओर से एक चर्चा सत्र आयोजित किया है । इस समय असम में बांग्लादेशी घुसपैठियों के अवैध अतिक्रमण विरोधी अभियान पर बोलते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने कहा,
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने India Today Conclave 2021 में राज्य से जुड़े कई ज्वलंत मु्द्दों पर अपनी राय रखी #India #Assam #AssamCM https://t.co/7doneSEINb
— AajTak (@aajtak) October 9, 2021
१. अधिकांश लोग जानते हैं कि, बांग्लादेशी मुसलमानों ने यहां घुसपैठ की तथा अतिक्रमण किया है । मैं सदैव ही असम के मुसलमानों को याद दिलाता हूं कि, आपके पूर्वज गोमांस नहीं खाते थे । इसलिए न्यूनतम आप उसे प्रोत्साहित न करें ।
२. इस देश में परंपरा की बात करने पर अनेक लोग अप्रसन्न होते हैं । हमारी संस्कृति के मूल्यों से अधिकार प्राप्त होते हैं । इसलिए इन्हें अलग से नहीं देखा जाना चाहिए ।
३. धार्मिक स्थलों के ५ किलोमीटर के परिसर में गोमांस पर प्रतिबंध से मुसलमान आनंदित हैं एवं इससे एक दूसरे के साथ सौहार्द बढा है । गोमांस खाने के नए नियमों का मुसलमान संगठन नहीं, अपितु साम्यवादी संगठन विरोध कर रहे हैं ।
४. राज्य ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार राष्ट्रीय जनसंख्या पंजीकरण (एनआरसी) कानून लागू किया है तथा इससे कोई भी धार्मिक तनाव नहीं उत्पन्न होगा । धार्मिक तनाव न्यून करने के लिए ही यह कानून बनाया गया था ।
यदि मुसलमान अपने पूर्वजों की परंपराओं को स्वीकार करें, तो उन्हें हिन्दू राष्ट्र में किसी प्रकार का कोई संकट नहीं होगा ! – Yogrishi Ramdev baba
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