उत्तर भारत में प्रतिदिन ‘ऑनलाइन सामूहिक नामजप एवं सत्संग’ का आयोजन !
देहली – श्रावण मास भगवान शिवजी की आराधना के लिए महत्त्वपूर्ण माना जाता है । सावन में ज्योतिर्लिंग दर्शन, शिव अभिषेक, विविध व्रत उपासना के द्वारा श्रद्धालु अपने आराध्य भगवान शिव की भक्ति करते हैं । श्रावण मास के इसी विशेष अवसर पर हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा उत्तर भारत में ‘ऑनलाइन सामूहिक नामजप एवं सत्संग’ का आयोजन किया गया । इसमें दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित १५ राज्यों से १५१ शिवभक्तों ने पंजीकरण किया और १८ अगस्त तक ३४० शिवभक्तों ने प्रत्यक्ष लाभ लिया ।
नामजप सत्संग को जुडनेवाले श्रद्धालुओं के अभिमत
१. सुनीता अरोरा, गुडगांव, हरियाणा : इस सत्संग से बहुत सीखने के लिए मिला । सूत्रसंचालन कर रही बालिका की आयु अल्प होते हुए भी उसने अच्छा सीखा है । सनातन संस्था और हिन्दू जनजागृति समिति धर्मशिक्षा देने का बहुत ही अच्छा प्रयास कर रही है ।
२. वंदना खटोड : सत्संग से बहुत कुछ सीखने के लिए मिला । नामजप भी भावपूर्ण हुआ ।
३. सीमा सेठ : शिवजी की अनुभूति आई ।
४. कु. अंकित लांबा, महेंद्रगढ, हरियाणा : इस सत्संग में जुडने से मुझे भगवान शिव के अनेक अवतारों के बारे में जाना और बैठने के अतिरिक्त माला से नामजप कैसे कर सकते हैं, असली और नकली रुद्राक्ष के बारे में भी जानकारी प्राप्त हुई और भी बहुत-सी जानकारियां प्राप्त हुईं और सामूहिक नामजप से नामजप एकाग्रता से करने का हुआ और नामजप एकाग्रता से करने के कारण आंतरिक शांति और मन भी शांत हुआ ।
‘श्रावण सोमवार’ एवं ‘हरियाली तीज’ और ‘नागपंचमी’ विषय पर ऑनलाइन प्रवचन संपन्न !
देहली – यहां के एनसीआर में सनातन संस्था व हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा श्रावण सोमवार एवं हरियाली तीज और नागपंचमी विषय पर ऑनलाइन प्रवचन संपन्न हुआ । श्रीमती राजरानी माहूर ने श्रावण सोमवार के महत्त्व एवं कावडिया यात्रा के बारे में बताया साथ ही श्रावण मास में भगवान शिव की उपासना का महत्त्व बताया ।
श्रीमती संगीता गुप्ता ने नागपंचमी की पूजा किस प्रकार करें, नागदेवता को कौन-सी प्रार्थना करें, इसके संबंध में सभी को अवगत कराया । जिज्ञासुओं के प्रश्न का समाधान भी किया । इसका लाभ अनेक जिज्ञासुओं ने लिया ।
क्षणिका : एक जिज्ञासु ने बताया कि तीज का त्योहार उत्तर भारत में मनाते हैं; परंतु हमें इतनी जानकारी नहीं है, यहां पर बताई गई तीज एवं नागपंचमी की जानकारी का बहुत ही लाभ हुआ ।

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