भारत में मुसलमान महिलाओं के अधिकारों के लिए कट्टरपंथी इस्लामी संगठनों के विरुद्ध आंदोलन करने से डरने वाली तथाकथित प्रगतिशील महिलाओं को इससे सीख लेनी चाहिए ! – संपादक

काबुल (अफगानिस्तान) – अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के उपरांत वहां के नागरिक प्रचंड भयग्रस्त हैं । भय के ऐसे वातावरण में शूर अफगान महिलाओं ने संभावित तालिबान प्रतिबंधों का विरोध किया । महिलाओं ने शिक्षा लेने व नौकरी करने की स्वतंत्रता एवं सरकार में प्रतिनिधित्व की मांग की । इसका एक वीडियो सामाजिक माध्यमों पर वायरल हो रहा है ।
In a video shared on Twitter, four #Afghan women could be seen holding handwritten paper signs on a street of #Kabul while surrounded by #Taliban fighters.https://t.co/Q7j8MS5fhU
— IndiaToday (@IndiaToday) August 18, 2021
१. तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने कहा है कि, महिलाओं को शरीयत के आधार पर स्वतंत्रता दी जाएगी । तालिबान ने महिलाओं के साथ भेदभाव न करने की शपथ ली है ।
२. सन् १९९६ में सत्ता संभालने के उपरांत तालिबान ने महिलाओं पर प्रतिबंध लगा दिये थे । ये प्रतिबंध तालिबान के २००१ में सत्ता में रहने तक चले थे । महिलाओं को बुर्खा पहनने के लिए विवश किया गया और उन्हें शिक्षा प्राप्त करने से प्रतिबंधित किया गया था । इनके राज में स्त्रियों को उपभोग की वस्तु समझा जाता था । महिलाओं के शोषण में भी वृद्धि हुई थी ।
Jharkhand Minor Rape : ३ वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले पर १ लाख रुपये का दंड (जुर्माना) लगाकर खुला छोडा ।
हमारा तथा भारत का डीएनए (DNA) एक ही है ! – Afghanistan Minister Mawlawi Attaullah Omari
कांदिवली (मुंबई) में युवक ने की अल्पायु लडकी की हत्या
Etawah Minor Conversion : उत्तर प्रदेश के इटावा में अल्पवयस्क हिन्दू बालिका को कतर ले जाकर धर्मांतरण कराने का षड्यंत्र
Kota Conversion Racket : कोटा (राजस्थान) में हिन्दू महिलाओं के धर्मांतरण और यौन शोषण का प्रकरण उजागर