पिछले अनेक दशकों में भारत में दहेज के विरोध में जनजागृति होते हुए भी यह स्थिति होना भारतीयों के लिए लज्जास्पद ! – संपादक

नई दिल्ली – विश्व बैंक की अध्ययन रिपोर्ट में भारत में अभी भी दहेज की परंपरा चल रही है ऐसा कहा है । वर्ष १९६० से २००८ के समय में ग्रामीण भारत के १७ जिलों में ४० सहस्र विवाहों का अध्ययन किया गया । इनमें से ९५ प्रतिशत विवाहों में दहेज दिया और लिया गया है । वर्ष १९७५ के पहले और वर्ष २००० के बाद वर पक्ष की ओर से वधू पक्ष के लिए भेंटवस्तूओं के लिए लगभग ५ सहस्र रुपए खर्च किए, तो वधू पक्ष ने वर पक्ष के लिए लगभग ३ लाख ५० सहस्र रुपए खर्च किए ।
Indian dowry payments 'remarkably stable', study says https://t.co/B8Z2POqCrn
— BBC News (World) (@BBCWorld) July 5, 2021
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