हरियाणा के पलवल शहर में विद्यार्थियों के लिए तनाव नियंत्रण एवं व्यवस्थापन विषय पर मार्गदर्शन

सदगुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी

पलवल (हरियाणा) – यहां के सी.ए. नीरज मित्तल क्लासेस में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, एकाग्रता एवं सकारात्मक जीवनशैली को ध्यान में रखते हुए ‘तनाव नियंत्रण एवं व्यवस्थापन’ विषय पर एक विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।

इस कार्यक्रम में हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सदगुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी द्वारा विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन के महत्त्वपूर्ण विषयों पर सरल एवं प्रभावी मार्गदर्शन दिया गया । कार्यक्रम में ४५ विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा दिए गए मार्गदर्शन को गंभीरता से सुना ।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि वर्तमान में बढती प्रतिस्पर्धा, परीक्षा का दबाव, मोबाइल एवं सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग, भविष्य की चिंता तथा पारिवारिक एवं सामाजिक अपेक्षाएं तनाव के प्रमुख कारण बन रहे हैं । सदगुरु डॉ. पिंगळेजी ने समझाया कि ‘यदि समय रहते तनाव को नियंत्रित नहीं किया जाए, तो इसका प्रभाव विद्यार्थियों की पढाई, स्वास्थ्य, व्यवहार एवं आत्मविश्वास पर पडता है ।’

मार्गदर्शन सत्र में विस्तारपूर्वक बताया गया कि तनाव क्या होता है, यह किन कारणों से उत्पन्न होता है तथा इसके दुष्परिणाम किस प्रकार व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक जीवन को प्रभावित करते हैं । विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि तनाव की स्थिति में घबराने के स्थान पर सकारात्मक सोच अपनानी चाहिए तथा नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना चाहिए ।

मार्गदर्शन सुनते हुए विद्यार्थी

कार्यक्रम में योग, प्राणायाम एवं साधना के महत्त्व पर भी प्रकाश डाला गया । वक्ता ने कहा कि प्रतिदिन कुछ समय योगाभ्यास, श्वास संबंधी प्राणायाम तथा ध्यान-साधना करने से मन शांत रहता है, एकाग्रता बढती है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है ।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने इस मार्गदर्शन को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि ‘इससे उन्हें तनावमुक्त एवं संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा मिली ।’ आयोजकों ने भविष्य में भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही ।

क्षणिकाएं

१. विशेष बात यह रही कि कार्यक्रम का प्रारंभ भगवान श्रीराम के संकीर्तन से हुआ, जिससे वातावरण अत्यंत सात्त्विक एवं ऊर्जावान बन गया ।

२. क्लास के सभी विद्यार्थी आपस में मिलते समय ‘जय श्रीराम’ का उद्घोष करते हैं, यह देखकर अत्यंत आनंद हुआ ।

३. क्लास का आरंभ प्रभु श्रीराम के संकीर्तन से होता है और क्लास का अंत भी राम नाम संकीर्तन से होता है ।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी शंकाओं का समाधान कर लिया । नीरज मित्तलजी को कार्यक्रम सुनकर बहुत आनंद हुआ ।