जगद्गुरु श्रीमद् रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी महाराज की प्रेरणा से छत्तीसगढ में १७५ लोगों ने हिन्दू धर्म में पुनर्प्रवेश किया ।

जगद्गुरु के मार्गदर्शन में अब तक १ लाख ५४ सहस्र ७६६ से अधिक लोगों ने की ‘घरवापसी’ ।

(घरवापसी अर्थात हिन्दू धर्म में पुनर्प्रवेश)

व्यासपीठ पर बाईं ओर से श्री. प्रबल प्रताप सिंह जुदेव एवं मार्गदर्शन करते हुए जगद्गुरु श्रीमद् रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी महाराज

दुर्ग (छत्तीसगढ) – विधर्मी धर्मप्रचारकों की बातें एवं लालच के चंगुल में आकर अपने मूल सनातन हिन्दू धर्म से दूर जा चुके १७५ लोगों ने ४ जून को दुर्ग जिले के पुलगांव में हिन्दू धर्म में पुनर्प्रवेश किया । जगद्गुरु श्रीमद् रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी महाराज के प्रेरणादायक विचारों से प्रभावित होकर इन भाईयों ने शास्त्रोक्त अनुष्ठान एवं वैदिक मंत्रोच्चारण में स्वधर्म को स्वीकार किया । विभिन्न संत-महंतों की वंदनीय उपस्थिति में यह समारोह अत्यंत उत्साहपूर्ण एवं धार्मिक वातावरण में संपन्न हुआ । इस कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह जुदेव, साथ ही दुर्ग जिले के पूर्व विधायक अरुण वोरा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे ।

हिन्दू धर्म में पुनर्प्रवेश करते हुए धर्मांतरित हिन्दूभाई

पूरे देश में अविरत चल रहा धर्मकार्य ।

जगद्गुरु श्रीमद् रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी महाराज

जगद्गुरु श्रीमद् रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी के मार्गदर्शन में आज तक पूरे देश के १ लाख ५४ सहस्र ७६६ से अधिक भाईयों ने शास्त्रोक्त एवं लोकतांत्रिक पद्धति से हिन्दू धर्म में पुनर्प्रवेश किया है । यह धर्मकार्य पूरे देश में अविरत जारी है तथा यह कार्य समाजजागृति, धर्मसंवर्धन एवं सांस्कृतिक पुनरुत्थान के लिए महत्त्वपूर्ण सिद्ध हो रहा है । अन्य धर्म में जा चुके हिन्दू भाईयों को हिन्दू धर्म में पुनर्प्रवेश देने के इस उपक्रम से जगद्गुरु श्रीमद् रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी ने समाज के सामने एक आदर्श रखा है, यह भावना उपस्थित लोगों ने व्यक्त की ।