|

नई दिल्ली – २१ जून को ‘नीट-यूजी’ की पुनर्परीक्षा की पृष्ठभूमि में प्रशासन ने प्रश्नपत्रिका निर्माण करने वाले सभी विशेषज्ञों को अज्ञात स्थानों पर रखा है एवं यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उनका किसी से भी संपर्क न हो। परीक्षा प्रणाली पर विश्वास पुन: निर्माण हो एवं प्रश्नपत्रिका सार्वजनिक होने की प्रत्येक संभावना को रोकने के लिए यह विशेष प्रबंध किए गए हैं।
मई महीने में आयोजित मूल ‘नीट’ (राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा) परीक्षा के उपरांत प्रश्नपत्रिका सार्वजनिक होने की जानकारी उजागर हुई थी। इसलिए उसे निरस्त कर दिया गया था। इसके उपरांत हुई व्यापक जांच में कई विशेषज्ञों एवं प्रश्नपत्रिका निर्माण करने में संलिप्त लोगों को बंदी बनाया गया। जांच से पता चला है कि यह घोटाला कई राज्यों में विस्तारित था। अतः कडे उपाय किए गए हैं।
किसे अज्ञातवास में रखा जाएगा ?
प्रश्नपत्रिका निर्माण करने वाले, उनका मूल्यांकन करने वाले, अनुवाद करने वाले तथा गोपनीय प्रक्रिया में सम्मिलितअन्य व्यक्ति।
निरंतर निरीक्षण के नियम क्या होंगे ?
भ्रमणभाष, भ्रमण कंप्यूटर, स्मार्टवॉच एवं अन्य संचार उपकरणों के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। इंटरनेट के उपयोग पर कडे प्रतिबंध लगाए गए हैं एवं बाह्य जगत से संपर्क लगभग समाप्त कर दिया गया है। इस केंद्र में आने-जाने पर कठोरता से दृष्टि रखी जा रही है एवं केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश दिया जा रहा है।
परीक्षा की व्याप्ति
‘नीट’ परीक्षा में २२ लाख से अधिक विद्यार्थी बैठने की संभावना है। २१ जून की दोपहर २ बजे से ५:१५ बजे तक पारंपरिक लिखित पद्धति से परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा भारत के ५५१ नगरों तथा विदेश के १४ नगरों में आयोजित की जाएगी।
प्रत्येक चरण में सतर्कता !
अधिकारियों ने कहा कि प्रश्नपत्रिका की निर्मिति, अनुवाद, ‘मॉडरेशन’ (गुण-परख), मुद्रण, पैकेजिंग, भंडारण, परिवहन एवं वितरण-परीक्षा प्रक्रिया के प्रत्येक चरण पर अब अधिक कठोर निरीक्षण रखा जा रहा है। पूर्ण प्रक्रिया को अलग-अलग स्वतंत्र भागों में विभाजित किया गया है, जिससे किसी एक व्यक्ति या समूह के पास पूरी कार्यप्रणाली का नियंत्रण या जानकारी न हो।
प्रशासन ने प्रश्नपत्रिकाओं के परिवहन पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है। सरकार ने पूरे देश में परीक्षा सामग्री को सुरक्षित रूप से पहुंचाने के लिये भारतीय वायुसेना के विमानों के उपयोग पर भी विचार किया है।
सभी त्रुटियों का पूर्णतया निवारण किया जाए ! – केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधानकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गत परीक्षा प्रक्रिया के समय जो त्रुटियां उजागर हुई हैं, उन्हें पूर्ण रूप से दूर किए बिना यह पुनर्परीक्षा आयोजित न की जाए।
|
PM Modi Record : प्रधानमंत्री मोदी सबसे लंबे समय तक सरकार प्रमुख रहने वाले नेता बने ।
‘हलाल टैक्स’ हिन्दू समाज के कोष से बलात् वसूल किया जाने वाला ‘जजिया कर’ ही है ! – रमेश शिंदे, राष्ट्रीय प्रवक्ता, हिन्दू जनजागृति समिति
वल्लभनगर (पिंपरी-चिंचवड) बस स्थानक पर यात्रियों की असुविधाओं की ‘यात्रा’ चल रही है
Kerala Shigella Outbreak Reported : केरलम् में ‘शिगेला’ संक्रमण के कारण एक बच्चे की मृत्यु, १२६ लोग संक्रमित ।
अमरावती केंद्रीय बस स्टैंड की दुर्दशा देखकर परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक अत्यंत क्रोधित !
Shamli Conversion : करोडपति हिन्दू के पुत्र के धर्मान्तरण के प्रकरण में मुसलमान महिला व्यायाम प्रशिक्षक एवं उसके पिता को बन्दी बनाया !