
थिरूवनंतपुरम् (केरलम्) – पिछले कुछ वर्षाें में देश में संक्रमणकारी रोगों का सबसे अधिक दंश झेलनेवाले राज्य के रूप में केरलम् को देखा जा रहा है । स्थानीय प्रसारमाध्यमों के समाचार के अनुसार राज्य में ‘शिगेला’ नाम का संक्रमण दिखाई दिया है । इससे संक्रमित एक ४ वर्ष के बच्चे की मृत्यु हुई । इससे संक्रमित ३ बच्चों को ‘कोलीकोड मेडिकल कॉलेज’ चिकित्सालय में भरर्ती किया गया था । उनमें से एक बच्चे की स्थिति गंभीर होकर उसकी मृत्यु हुई । इस वर्ष के आरंभ में ही राज्य में ‘शिगेला’ संक्रमण के अनेक प्रकरण दिखाई दिए थे । इसके कारण सार्वजनिक स्वास्थ्य के विषय में चिंता की स्थिति उत्पन्न हुई है ।
क्या है ‘शिगेला’ संक्रमण ?
चिकित्सकीय ब्योरों के अनुसार ‘शिगेला’ एक अत्यंत संक्रमणकारी जीवाणुजन्य बीमारी है, जो आंतों पर प्रहार करती है । समय रहते ही इस संक्रमण का अनुमान नहीं लगा, तो रोगी की स्थिति गंभीर होकर उसे चिकित्सालय में भर्ती करना पडता है । छोटे बच्चों, वृद्ध लोग एवं दुर्बल रोगप्रतिरोधक क्षमतावाले व्यक्तियों में इस संक्रमण का संकट अधिक होता है ।
किस कारण होता है ‘शिगेला’ संक्रमण ? उसके लक्षण क्या हैं ?
अस्वच्छता, दूषित पानी अथवा संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से यह संक्रमण हो सकता है । उचित स्वच्छता तथा जिन क्षेत्रों में धोवन जल के व्यवस्थापन का अभाव होता है, उन क्षेत्रों में इस बीमारी का संक्रमण बार-बार होता है । यह बीमारी बडी आंत पर बडे स्तर पर प्रहार करती है । इसके कारण तीव्र अतिसार (दस्त), पेट में दर्द एवं बुखार जैसे लक्षण होते हैं । पूरे विश्व में अतिसार से संबंधित प्रमुख संक्रमणकारी बीमारियों में से यह एक बीमारी है ।
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