राष्ट्ररक्षार्थ मुंबई में ‘श्री राजमातंगी महायज्ञ’ संपन्न !

मुंबई (महाराष्ट्र) – सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी ने जिस नगरी से धर्मकार्य का श्री गणेश किया था, वह मुंबापुरी (मुंबई) अधिक ज्येष्ठ शुक्ल प्रतिपदा को वेदमंत्रों के घोष से गूंज उठी ! प्रभादेवी के नर्दुल्ला टैंक मैदान में अत्यंत भावपूर्ण एवं मंगलमय वातावरण में दिव्य ‘श्री राजमातंगी महायज्ञ’ संपन्न हुआ । वर्तमान युद्धकाल में तपोभूमि भारत को सुरक्षा-कवच प्राप्त हो तथा भारत की सर्वांगीण उन्नति हो, इस उद्देश्य से सनातन संस्था द्वारा आयोजित इस ‘श्री राजमातंगी महायज्ञ’ के कारण मुंबई का आकाश वेदमंत्रों के जयघोष तथा सद्गुरु एवं संतों की वंदनीय उपस्थिति से आलोकित हो उठा । सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी की आध्यात्मिक उत्तराधिकरिणियां श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा नीलेश सिंगबाळजी एवं श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली मुकुल गाडगीळजी की चैतन्यमय उपस्थिति से वातावरण तेजोमय हो गया ।

७ हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रत्यक्ष तथा ४० देशों के लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से इस चैतन्यमय महायज्ञ समारोह का आध्यात्मिक स्तर पर लाभ उठाया । महायज्ञ में जीवनाडी-पट्टिका वाचक
पू. डॉ. ॐ उलगनाथन्जी की वंदनीय उपस्थिति थी ।

साथ ही भाजपा के विधायक ज्ञानेश्वर म्हात्रे, शिवसेना विधान परिषद की विधायक डॉ. मनीषा कायंदे, भाजपा के वरिष्ठ पार्षद श्री. प्रकाश गंगाधरे, मनसे के पार्षद श्री. यशवंत किल्लेदार, अधिवक्ता संजीव पुनाळेकर, अधिवक्ता नितिन प्रधान, स्वातंत्र्यवीर सावरकर स्मारक के कार्याध्यक्ष श्री. रणत सावरकर, पितांबरी उद्योग समूह के प्रबंध निदेशक श्री. रवींद्र प्रभुदेसाई, उपस्थित थे ।

सोरटी सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दिव्य अंशों के दर्शन !

१ हजार वर्ष पूर्व आक्रमणकारी मोहम्मद गजनवी द्वारा खंडित किए गए सोरटी सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दिव्य अंशों के दर्शन इस अवसर पर हिन्दू जनसमुदाय को प्राप्त हुए । श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी एवं श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी ने इन दिव्य अंशों की आरती उतारी । (१८.५.२०२६)