Karnataka Muslims : कर्नाटक राज्य में मुस्लिम समाज सबसे बडा !

मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या को प्रस्तुत जातिगत जनगणना प्रतिवेदन में प्रकाश में आया कि...

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या

बेंगलुरु (कर्नाटक) – कर्नाटक कांग्रेस के नेता सिद्धरामय्या ने मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देने के पूर्व जातिगत जनगणना प्रतिवेदन स्वीकार कर सबका ध्यान आकर्षित किया । ‘कर्नाटक राज्य पिछडा वर्ग आयोग’ द्वारा राज्य सरकार को प्रस्तुत की गई जातिगत जनगणना के अंतिम प्रतिवेदन में पिछडे वर्गों के आरक्षण का अनुपात ३२ प्रतिशत से बढाकर ४२ प्रतिशत तक करने की अनुशंसा की है । इसके साथ ही प्रतिवेदन में उल्लेख है कि मुस्लिम समाज की जनसंख्या राज्य में १४ प्रतिशत अर्थात लगभग ८० लाख १४ सहस्त्र जनसंख्या के साथ सबसे बडा समाज है ।

प्रतिवेदन में जातिगत जनसंख्या का विवरण दिया गया है । इसमें १३ श्रेणियां हैं जिनमें प्रत्येक जाति की जनसंख्या, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक स्थिति सहित समग्र जानकारी दी गई है । इस प्रतिवेदनके अनुसार…

१. वीरशैव लिंगायत ११ प्रतिशत के साथ ६० से ६५ लाख जनसंख्या वाला कर्नाटक का दूसरा सबसे बडा समाज है ।

२. ओक्कलिगा १० प्रतिशत के साथ ५५ से ६० लाख जनसंख्या वाला तीसरा सबसे बडा समाज है ।

३. कुरुबा समाज ८ प्रतिशत है एवं ४० से ४५ लाख जनसंख्या के साथ राज्य का चौथा सबसे बडा समाज है । (जातिगत जनगणना के नाम पर यह हिन्दुओं में विभाजन डालने की चाल है, इसे ध्यान में रखें ! कर्नाटक के हिन्दुओं को सतर्क होकर संगठित होना चाहिए, यही समय की आवश्यकता है ! – संपादक)

मुख्यमंत्री को जातिगत जनगणना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के उपरांत सामाजिक माध्यम से चर्चा करते हुए पिछडा वर्ग आयोग के अध्यक्ष मधुसूदन नाइक ने कहा कि प्रतिवेदन पूर्ण हो चुका है । साथ ही यह भी कहा कि पिछडे वर्गों से संबंधित प्रतिवेदन भी पूरा हो चुका है । यह प्रतिवेदन ३०० पृष्ठों का है । इस सर्वेक्षण प्रक्रिया में कुछ लोग सम्मिलित नहीं हुए । इसलिए आंकडे अवास्तविक व अल्प होने की संभावना है । (इसका अर्थ है कि प्रतिवेदन की जानकारी अपूर्ण एवं त्रुटिपूर्ण है । इससे इस प्रतिवेदन के आधार पर की जाने वाली कार्रवाई भी त्रुटिपूर्ण होगी । इस प्रतिवेदन के विरुद्ध समाजहितैषी नागरिकों को न्यायालय का सहारा लेना चाहिए ! – संपादक)

संपादकीय भूमिका

केंद्र सरकार की जातिगत जनगणना को प्रतिबंधित करने की प्रवृत्ति पहले ही दिखाई दे रही है । ऐसे में कांग्रेस ऐसी भ्रामक जनगणना कर हिन्दुओं में फूट डालने का षड्यंत्र रच रही है । इन सबके बीच मुस्लिम समाज में भी २०० से अधिक जातियां होने पर भी उन्हें एकीकृत रूप में दिखाया गया है । यह कांग्रेस का मुसलमान प्रेम है, इससे समझें !