Tamil Nadu Fraud Voting : भारत में घुसपैठ कर बनावटी प्रपत्र द्वारा तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में मतदान : २५ विदेशी नागरिक बंदी

अधिकांश नागरिक श्रीलंका के !

चेन्नई (तमिलनाडु) – तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में बनावटी मतदान करने के आरोप में २५ विदेशी नागरिकों को बंदी बनाया गया है । चुनाव के समय बनावटी प्रपत्र के आधार पर मतदान करने का यह प्रकरण उजागर हुआ है ।

१. पुलिस एवं इमिग्रेशन (अप्रवासन) विभाग की संयुक्त कार्रवाई में चेन्नई, मदुरै एवं अन्य हवाई अड्डों से इन लोगों को उस समय पकडा गया, जब वे भारत छोडकर विदेश जाने की तैयारी में थे । इन विदेशी नागरिकों की उंगलियों पर मतदान के उपरांत लगाई जाने वाली स्थायी स्याही पाई गई । इसके उपरांत उन्हें बंदी बनाकर पूछताछ प्रारंभ की गई ।

२. अन्वेषण संस्था के अनुसार बंदी किए गए लोगों में अधिकांश श्रीलंका के नागरिक हैं, जबकि कुछ ब्रिटेन एवं कनाडा के पारपत्र (पासपोर्ट) धारक भी हैं ।

३. पुलिस के अनुसार कई संदिग्ध चुनाव की घोषणा के तुरंत उपरांत तमिलनाडु आए थे एवं मतदान के उपरांत कुछ दिनों तक राज्य में ही रुके रहे, जिससे उनकी उंगलियों पर लगी स्याही मिट जाए ।

४. संभावना है कि कई विदेशी नागरिक अभी भी भारत में उपस्थित हैं एवं अन्वेषण संस्थाएं ऐसे सभी लोगों की जानकारी का शोध ले रही हैं, जो मतदान से पहले भारत आए थे एवं अब तक वापस नहीं लौटे हैं । इस पूरे प्रकरण का विस्तृत प्रतिवेदन चुनाव आयोग को भेज दिया गया है ।

५. इस प्रकार के प्रकरण पूर्व में भी उजागर हो चुके हैं । वर्ष २०२५ में अप्रवासन अधिकारियों ने चुनाव आयोग से लगभग १०० विदेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाने का अनुरोध किया था ।

६. अन्वेषण में यह पाया गया था कि विदेशी नागरिकों के पास मतदाता पहचान पत्र थे एवं उन्होंने मिथ्या पते के आधार पर मतदान का अधिकार प्राप्त किया था । इस वर्ष भी लगभग ६० विदेशी नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं ।

७. चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार केवल वही विदेशी मतदाता मतदान कर सकता है, जिसने किसी अन्य देश की नागरिकता स्वीकार नहीं की हो । अनिवासी भारतीय मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए भारतीय नागरिकता बनाए रखना एवं मतदान के समय मूल भारतीय पारपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है ।

संपादकीय भूमिका

यह पुलिस एवं सुरक्षा संस्थाओऺ के लिए लज्जास्पद है ! मूल रूप से वे भारत में घुसे ही कैसे एवं उन्हें मतदान से पहले बंदी क्यों नहीं बनाया गया ? इसका उत्तर पुलिस को देना चाहिए !